मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद मुंशी प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं उनका कथा संसार इतना समृद्ध है कि यदि कोई साहित्य सरिता मे डूबना चाहे तो उसका रोम रोम अमृत मय हो जाए।गोदान गबन सेवा सदन निर्मला जैसी ऐसी कई कालजयी कृतियाँ मुंशी प्रेमचंद ने भारतीय साहित्य को दिए हैं जिसके लिए हिन्दुस्तानी साहित्य उनका ऋणि…

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Happy Anniversary

जीवन साथी जीवन पथ पर अकेली थी . अल्हड सी थी अलबेली सी … चलते चलते अनजानी राहों पर .. मिल गए एक दिन तुम यूँ ही … मेरे जीवन साथी बन कर … बन मांझी पतवार थाम कर … उतर पड़ी जीवन नदिया में …. हाँथ थाम कर चल दी तुम संग .. जिधर…

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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएं

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका को सराहा तो गया है लेकिन उन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया। इन महिलाओं ने स्वतंत्रता अर्जित करने के लिए पुरुषों से कंधे से कन्धा मिला कर संघर्ष किया। अतः ब्रिटिश राज़ में भारत के लिए स्वतंत्रता संघर्ष में महिलाओं के…

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मैं और वो

मैं और वो दो इंसान दो वजूद दो व्यक्तित्व अलग परिवेश शहर अलग अजनबी अनजाने बंध गए बंधन में हुए जीवनसाथी बना रिश्ता पवित्र प्यार का इज़हार इकरार एतबार नौनिहाल परिवार जीवनरूपी नैया में हुए सवार हौले हौले गतिशील बहार ही बहार कभी दौड़ी , हवा के रूख के विपरीत कभी बसंती बयार कभी झेलती…

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सवाल आप के और समाधान हमारा

सवाल आप के और समाधान हमारा आज हमारी पहली सवाल आप के और समाधान हमारा सत्र में कोरोना से संबंधित कुछ प्रश्नों का उत्तर या समाधान हल करने की कोशिश करेंगे डॉ राणा संजय प्रताप सिंह जी के साथ जोकि एक वरिष्ठ फिजीशियन, समाजसेवक और राजनीतिज्ञ भी हैं। भाजपा के वरिष्ठ सदस्य हैं तथा लॉयंस…

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नारी अबला नहीं है

नारी अबला नहीं है 1908 ई. में अमेरिका की कामकाजी महिलाएं अपने शोषण के विरुद्ध और अपने अधिकारों की मांग को लेकर सडकों पर उतर आईं। उनका मुख्य मुद्दा महिला और पुरुष के तनख्वाह की समानता का था । 1909 ई. में अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने उनकी मांगों के साथ राष्ट्रीय महिला दिवस की…

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रचना उनियाल की कविताएं

रचना उनियाल की कविताएं १.संकल्पों की निष्ठाओं के भू नंदनवन के सौरभ से ,सकल जगत महकायेंगे। संकल्पों की निष्ठाओं के ,पुष्प धरा खिल जायेंगे।। विगत काल की रेखाओं पर ,हम नव रेखा खींचेंगे। सदियों के माता गौरव को ,कण कण में अब सीचेंगे।। शाश्वत संस्कारों की जय को ,जन मन तक पहुँचायेंगे। संकल्पों की निष्ठाओं…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन   प्यार मोहब्बत आशिकी ये बस अल्फाज थे। मगर… जब तुम मिले तब इन अल्फाजोंं को मायने मिले बदलना आता नहीं हमें मौसम की तरह, हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं, ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक, कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं।   0

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