कोरोना और मैं

कोरोना और मैं 12 अप्रैल 2021 को मैं कानपुर से एक मुशायरा कर के वापस आई ।कहीं भी जाने से पहले मैं अपनी माता जी को जरूर बता कर और उनका आशीर्वाद लेकर जाया करती हूँ पर उस दिन मुझे डर था ,कोरोना फैल चुका था और मुझे पक्का पता था कि मेरे मम्मी मुझे…

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जीवन के अस्मरणीय पल

जीवन के अस्मरणीय पल समकालीन हिंदी लेखन जगत के एक अग्रणी हस्ताक्षर ममता कालिया जी को कौन नहीं जानता। उनसे मेरा सम्बंध मेरी पहली कहानी ‘वे चार पराँठे‘ से जुड़ा है।यह कहानी जुलाई 2007 में ममता कलिया जी तथा रविंद्र कलिया जी की बिर्मिंघम के एक कहानी कार्यशाला से ऊपजी थी। कार्यशाला पूरे वीकेंड की…

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मां-भारती का युवाओं से “आह्वान”

मां-भारती का युवाओं से “आह्वान” ये अमृत काल है ये अमृत काल है ये अमृत काल है कसम तुझे उन दिवानो की जो फंदा चूमकर झुले थे । कसम तुझे उन वीरों की जो होली ख़ून से खेले थे । कसम तुझे उन शहीदों की जो शहादत के लिये ही जन्मे थे । तू मुझको…

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मानसून स्किन केयर

मानसून स्किन केयर मानसून के मौसम में स्किन का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है क्योंकि तेज हवाएं त्वचा का तेल और नमी सोख लेती है। इन दिनों ग्लोइंग स्किन और खूबसूरती को बनाएं रखने के लिए पौष्टिक आहार, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, उबटन के साथ नैचुरल तरीके भी इस्तेमाल करने की जरूरत है। आज हम…

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श्रद्धांजलि

योग्यता का सम्मान अमीर गरीब शिक्षित अशिक्षित योग्य अयोग्य रोजगार बेरोजगार कर्मण्य अकर्मण्य शोषक शोषित शासक शासित स्वामी सेवक दो ही रूप विद्यमान हैं इस संसार में सदियों से इसी चक्र में समाज का हुआ विकास भी और कालक्रमानुसार विभक्त हो गया समाज कई टुकड़ों में उन्नत होते गई अज्ञानता से आत्याचार शोषण कुप्रथा संकीर्ण…

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आजादी का अमृत महोत्सव :राष्ट्र प्रथम ,सर्वदा प्रथम

आजादी का अमृत महोत्सव :राष्ट्र प्रथम ,सर्वदा प्रथम   इस वर्ष,15 अगस्त 2023 को भारत ” राष्ट्र प्रथम, सर्वदा प्रथम ” की थीम के साथ 77वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है । इसके साथ ही यह खड़ा है-आजादी के अमृत महोत्सव की उत्सवभूमि पर।आज़ादी के अमृत महोत्सव की आधिकारिक यात्रा की शुरुआत 12 मार्च ,…

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मैं जन्म से एक ब्रिटिश हूँ और मैं माफ़ी मांगता हूँ”

“मैं जन्म से एक ब्रिटिश हूँ और मैं माफ़ी मांगता हूँ” आज भी ‘नासूर बन दुखता है’ फिरंगियों को जलियांवाला बाग हत्याकांड !! “आकलैंड रायटर्स फेस्टिवल 2019 के उद्घाटन के दौरान कुछ चुनिन्दा लेखकों को 7 मिनट के भीतर एक ‘सच्ची कहानी’ सुनने के लिए आमंत्रित किया गया था। जिसमे एक आमंत्रित लेखक एवं कांग्रेस…

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पीतल

पीतल “सच कहता हूँ मुझे ज़रा भी याद न रहा” शाम के धुंधलके में एकाएक कौंधे निशा के सवालिया अंदाज पर पीयूष ने थोड़ी हैरानी के साथ अफ़सोस जाहिर करते हुए कहा। “पूरे चार साल बाद आए हो इसके बाद भी” निशा ने बनावटी गुस्से से आँखे तरेंरी। “बस यही तो ग़लती हो गयी,मुझे ज़रा…

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प्रेमचंद की युग चेतना

प्रेमचंद की युग चेतना कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद का साहित्य हिंदी साहित्य के इतिहास में टर्निंग प्वाइंट के रूप में माना जाता है ,जहां साहित्य जीवन और समाज के यर्थाथ से जुड़ता है ।प्रेमचंद्र का उद्देश्य जीवन और समाज को समझना था। उनकी पैनी दृष्टि जीवन के अनछुए पहलुओं को हमारे सम्मुख लाती हैं ,जो…

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तेरे जैसा दोस्त कहाँ

जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी! सिर्फ हमारे प्यार में ही नहीं बल्कि दुनिया के हर रिश्ते में शामिल होना चाहिए दोस्ती का एक अहम भाव क्योंकि सुना है दोस्त तब भी जान लुटा सकते हैं जब दोस्त की जान पर बन आए फिर चाहे वो सही हो या गलत, दोस्त अपनाते हैं…

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