कथा, कथाकार और पाठक

अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव  कथा, कथाकार और पाठक 4 जुलाई संध्या 7 बजे (IST), दोपहर 2.30 बजे (GMT) https://youtube.com/@grihaswamini7913 उपन्यास – तिलिस्म  उपन्यासकार – दिव्या माथुर-लंदन,ब्रिटेन समीक्षक शिखा वार्ष्णेय-लंदन, ब्रिटेन डॉ रीता दास राम-मुंबई, भारत अनिल शर्मा जोशी- दिल्ली, भारत अध्यक्ष प्रो जितेन्द्र श्रीवास्तव- दिल्ली, भारत संचालन – पूजा अनिल, स्पेन 1

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तुम मेरे पास हो …हमेशा!

माँ, तुम हो यहीं कहीं,..मेरे आसपास, भींगी पलकें जब यादों का सहारा चाहती हैं, तुम तब भी -मेरे साथ होती हो ..माँ, जैसे मैं तुम्हें छू सकती हूँ, महसूस कर सकती हूँ– ”तुम्हारे कदमों क़ि आहट, जब ये अधर कुछ्फरियाद करते हैं, तो जैसे.. तुम सुनती हो मेरी आवाज, बिन कहे मान लेती हो, मेरी…

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बंद किताबें और खुलती पहचान

बंद किताबें और खुलती पहचान इंग्लैंड के सितंबर की गुलाबी सर्दियों की मीठी ठंडक के साथ एक खास सुबह की शुरुआत हुई। हल्की धुंध में ढकी सड़कें और पेड़ों से झरते सुनहरे, नारंगी और लाल रंग के पत्ते मानो प्रकृति का कोई जादुई कैनवास तैयार कर रहे थे। आसमान में उड़ते पक्षियों की चहचहाहट, पेड़ों…

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लौ बन कर मैं जलती हूँ 

लौ बन कर मैं जलती हूँ      दीपक बन जाएँ यादें पुरानी लौ बन कर मैं जलती हूँ दो हज़ार बाईस बस था जैसा भी था जैसे तैसे बीत गया कुछ अच्छा होने की आशा में ना जाने क्या क्या रीत गया पाँव पखारूँ अश्रू के गंगाजल से ,लो अब मैं चलती हूँ दीपक…

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“ मैं भी एक महिला हूं”: सोजॉर्नर ट्रुथ 

“ मैं भी एक महिला हूं”: सोजॉर्नर ट्रुथ  आज जिस महान महिला शख्सियत की हम बात करने जा रहे हैं, उनके व्यक्तित्व के बारे में जब मैंने पहली बार(कोई सात-आठ साल पहले) पढ़ा था। तो उस समय न ही सिर्फ़ मेरे रोंगटे खड़े हो गए, बल्कि साथ ही साथ मन एक अन्जाने गर्व से भर…

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माँ तुम बहुत याद आती हो

माँ माँ तुम बहुत याद आती हो जब स्कूल से घर आती हूँ, खाली घर ही पाती हूँ सूनी सी देहरी देखती हूँ, अपनी थाली खुद लगाती हूँ, छोटे को भी कभी ख़िलाती हूँ , हर निवाले के साथ माँ तुम बहुत याद आती हो। आज जब मुझे लगा कि अब मैं भी बड़ी हो…

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यह_कैसी_शिक्षा

यह_कैसी_शिक्षा शिक्षा प्राप्त करना हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होता है, न केवल ज्ञान अर्जित करने के लिए, अपितु रोजगार प्राप्ति के मुकाम की ओर अग्रसर होने के लिए भी यह खासतौर पर सहायक होता है। पर हमारे समाज में शायद इस दिशा में कुछ ज्यादा ही ध्यान दिया जा रहा है और मैं…

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