‘सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ’

‘सावन के झूले पड़े, तुम चले आओ’ सावन के मौसम में बड़े पैमाने पर वर्षा होती है जिसे मानसून कहा जाता है. “मानसून में तीन अलग-अलग कारक शामिल होते हैं – हवा, जमीन और समुद्र। मानसून का वर्णन प्राचीन काल से ही होता आ रहा है। ऋग्वेद और सिलप्पाधीकरम, गाथासप्तशती , अर्थशास्त्र, मेघदूत, हर्षचरित्र जैसे…

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विश्व हिन्दी दिवस

विश्व हिन्दी दिवस हिन्दी माँ का दूध है , और हमारा पूत । सदा हमारे साथ है , मन भावों का दूत ।। निज भाषा अभिमान है ‌, यह भगवन वरदान । अंतस से है फूटता , नहीं भाव व्यवधान ।। मात तात सम पोसता , है वटवृक्ष समान । निज निजता का भाव दे…

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कितनी और कैसी: आजादी ?

कितनी और कैसी:: आजादी ? आधी आबादी की आजादी कैसी और कितनी? इस पर हमेशा बात होती रहती है। कानूनी और संवैधानिक फ्रेम में सब कुछ बहुत आदर्श लगता है। समानता, स्वतंत्रता, और न्याय पाने के अधिकार सभी के लिए हैं। न्यायपालिका से संरक्षित भी हैं।लेकिन क्या स्त्री क्या पुरुष, दोनों के लिए ये किताबी…

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‘अब वतन भी कभी जाएंगे..’

‘अब वतन भी कभी जाएंगे..’ ‘अब वतन भी कभी जाएंगे तो मेहमां होंगे’ .. मशहूर शायर मोमिन खां के दिल का दर्द एक दम सच बैठा इंतजार हुसैन साहब पर। इंतजार हुसैन पाकिस्तान के बहुत बड़े अद़ीब हुए हैं। लेकिन उनके किस्से,कहानियों में हिंदुस्तान के प्रति भी उनके बेइंतहा लगाव को देखते हुए कहा जाना…

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आज़ाद भारत में नारियों की आज़ादी कितनी?

आज़ाद भारत में नारियों की आज़ादी कितनी? डॉ भीमराव आंबेडकर की अध्यक्षता में 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन में नया संविधान बन कर तैयार हुआ जिसमे सदस्य माननीय जवाहर लाल नेहरू सरदार बल्लभ भाई पटेल,मौलाना अबुल क़लाम आज़ाद थे। भारतीय संविधान को सभा द्वारा 26 जनवरी 1949 को अपनाया गया था लेकिन लागू…

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Alicia Minjarez Ramírez’s poems

Alicia Minjarez Ramírez’s poems 1.NOCTURNAL SUN There, where the wind fades away The sky waves its own branches Retouching icy mornings In the shades, Blackbirds and pigeons flapping And disturbing the sky. I aimlessly wander through. Every corner evokes Spiral lines of perpetually Ever written sonnets, Unveiled brides Blur the color lines Upon vacant altars….

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दिव्या माथुर-सुपर अचीवर

दिव्या माथुर -सुपर अचीवर वातायन- यूके की संस्थापक, रॉयल सोसाइटी ऑफ़ आर्ट्स की फ़ेलो, लंदन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन-2000 की सांस्कृतिक अध्यक्ष, यूके हिन्दी समिति की उपाध्यक्ष और कथा-यूके की अध्यक्ष­ रह चुकी, दिव्या माथुर का नाम ‘इक्कीसवीं सदी की प्रेणात्मक महिलाएं’, ‘ऐशियंस हूज़ हू’ और विकिपीडिया की सूचियों में भी सम्मलित है।  25 वर्षों तक नेहरु केंद्र-लन्दन में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी के रूप…

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मेरा प्रणय निवेदन

मेरा प्रणय निवेदन सुनो,, आज फिर से तुम्हें प्रपोज करने को जी चाहता है। मेरा बजट थोड़ा कम है, शालिटेयर नहीं है मेरे पास, दुर्गा माँ की पिण्डी से उठाए गंगाजल से भीगे, कुछ सूर्ख लाल अड़हुल के फूल हैं। तुम स्वीकार तो करोगे ना? मेरा प्रणय प्रणय निवेदन,,, तुम पदाधिकारियों का क्या भरोसा? हमारा…

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कोरोना के साथ एकवर्षीय यात्रा

कोरोना के साथ एकवर्षीय यात्रा 2020 का यह साल भी अपने अवसान की ओर है, पर ऐसा साल रहा यह जिसने पूरी दुनिया की ही रफ्तार को थामने की कोशिश की, बहुत हद तक सफल भी रहा यह। एक वायरस-नोवेल कोरोना, जो पूरी दुनिया को डर और संशय की गिरफ्त में बाँध लेता है, सामाजिक…

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एक थी कल्ली

एक थी कल्ली   तूने आज फिर मुझे रुला दिया कल्ली। अपनी पच्चीस बरस की नौकरी में तेरी जैसी न जाने कितनी छोरियां इस बाल सुधार गृह में आई और चली गई। लेकिन तूने तो पहले दिन से ही …. ऐसा किया जिसे कोई नहीं भूल सकता। चोरी चकारी, मारपीट, हुल्लड़बाजी, गाली गलौच और फिर…

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