कैक्टस

कैक्टस दस दिन के दुधमुँहे मुन्ना को गोदी में लिए, देहरी पर खड़ी संचिता, कुछ अधिक खीझ और कम भय के साथ सामने बैठक में दीवान पर लेटे सचिन को देख रही थी। उसकी सास मनियादेवी अभी-अभी पैर पटकती इसी देहरी से बाहर निकली हैं। उनके स्वर का ताप संचिता के समूचे तन से लिपटा…

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बदला हुआ आदमी

बदला हुआ आदमी गाड़ी स्कूल के मैदान में आकर रुक गई। गेट पर मौजूद लोगों ने अन्दर जाकर मुख्य अतिथि के आगमन की सूचना दी। यह सुनकर आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूल के प्रधानाचार्य गाँव के कुछ गणमान्य नागरिकों के साथ गेट पर आए। सबने माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया…

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डॉ जया आनंद की कविताएं 

डॉ जया आनंद की कविताएं  1.धरती धरती नेह से लरजती है संवरती है उपजाती है सरस जीवन , सहन करती है बोझ उपेक्षा का, घृणा का और अति होने पर कम्पित हो जता देती है अपना आक्रोश नहीं ..अब और नहीं 2.लड़कियां लड़कियां सहेज लेती हैं घर परिवार रिश्ते-नाते ,मित्र और अपना अस्तित्व लड़कियां द्वार…

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खोए अर्थ

खोए अर्थ ओ व्याकुल मन! चल ढ़ूंढते है, कबाड़ी के कोने से, वो रद्दी की गठरी, चल उड़ाते हैं गठरी पर जमे , यादों की धूल, उधेड़ते हैं गांठो को, शायद इसी में हो,, दीमक की चखी पुरानी, मटमैली पन्नों वाली डायरी , ओ व्याकुल मन! चल ढ़ूढते हैं, कुछ लिखे , कुछ कोरे कागज,…

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भाषा किसकी है?

भाषा किसकी है? 14 सितम्बर यानी ‘हिंदी दिवस’ फिर आने वाला है। इस कोरोना महामारी में कहाँ नया बैनर बनेगा? पिछले साल के बैनर में 2019 में केवल 19 को 20 करके काम चलाया जा सकता है, पर्यावरण की दृष्टि से संसाधन भी बचेगा, दफ्तर के बड़े बाबू ने सोचा। हर साल की गिनी-चुनी प्रतियोगिताएं…

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रंगभूमि

रंगभूमि प्रेमचंद ने अपने लेखन की शुरुआत आदर्शात्मक रुझान से की थी। प्रेमचंद अपने संक्षिप्त रचना काल में कई मार्गों पर चले और कुछ दूर चलकर अगर उन्हें खटका होता था तो राह बदल लेते थे। सुधार वाद ,आदर्शवाद ,गांधीवाद और साम्यवाद यह सभी उनके मार्ग रहे। हिंदी कथा साहित्य को जीवन की यथार्थता और…

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पेट की आग

पेट की आग रमिया का विवाह दीनू से लगभग सात वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। दीनू गन्ने के खेतों में श्रमिक के रूप में काम करता था। घर का गुज़ारा किसी तरह चल ही जाता था। धीरे-धीरे उसके चार बच्चे भी हो गए थे। रमिया, दीनू को समझाती थी…

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कोरोना का अंत

कोरोना का अंत इक फ़्लू की है ये दासतां जिस फ़्लू से सब बेहाल हैं, ये फ़्लू है मेड इन चाइना, इसे कहते ’कोविड’ प्यार से। ’कोरोना’ नाम का फ़्लू है ये, सुनने में लगता ज्यों फूल है, जिसे हो वही यह जानता, ई फूल नाहीं, त्रिशूल है। देखे हैं हमने भी फ़्लू कई, कोई…

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Random lines

Random lines.. Some memories always linger Some incidents often trigger Few instances buzz loud Very few silently sound Often past carry forward in action As if present has to accept the motion Carrying the concept we think , Concurrence may happen in future So our action becomes it’s reaction We always think we are right…

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संकल्प

संकल्प दीपू ज्यादातर विद्यालय में देरी से ही पहुँचता थ। देर से आने वाले बच्चों की अलग लाइन बनवाई जाती है तथा उनका नाम भी उनकी कक्षा के अनुसार लिखा जाता है ताकि उनके कक्षाध्यापक उन्हें जान सकें और समझा सकें ।उस रजिस्टर में नवीं कक्षा में पढ़ने वाले दीपू का नाम एकाध दिन छोड़कर…

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