भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सैम मानेकशॉ
एक अद्वितीय योद्धा-सैम होर्मूसजी फ़्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ हम सब भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की हमेशा प्रशंसा करते हैं जब भी सेना कोई ऐसा काम करती है जिससे हमारे देश का सामर्थ्य दिखता हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। कुछ ऐसे ही थे सैम मानेकशॉ जिन्हें देश का पहला फील्ड…
समा जाये तेरे हर गुण मुझ में
समा जाये तेरे हर गुण मुझ में माँ जीवन का सार हो तुम मेरी ताल लय मीठी धुन हो मेरी तेरे जैसे बनना है, सदा रहूँ कदमों में तेरी। सदा नयन में बसती हो मेरी हृदय में विराजती मेरी जीवन से और कोई चाहत नहीं परछाई बनना है तेरी। हो धरा सी क्षमाशीला जानकी सदृश…
रास्ते और भी हैं
रास्ते और भी हैं “बोलो बाँके बिहारी लाल की जय ! बोलो बंसी वाले की जय ! जय जय श्री राधे…..!” और असंख्य स्वर एक साथ दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए दंडवत प्रणाम करने लगते हैं। नित्य प्रतिदिन मंगला झांकी का यही दृश्य होता है। आरती आरम्भ हो चुकी है। नेत्र बन्द किए पद्मा ध्यान…
कस्तूरबा गाँधी से एक काल्पनिक मुलाकात
कस्तूरबा गाँधी से एक काल्पनिक मुलाकात खट्दर की साड़ी, ढँका हुआ सिर, माथे पर गोल बिंदी, कलाई में सादी चूडियाँ – इस छोटी दुबली — पतली महिला को देखकर विश्वास ही नहीं हुआ कि उसमें कितनी शक्ति समाहित है। उसकी उपस्थिति से ही कमरा जैसे जीवंत हो गया। कमरा खचाखच भरा हुआ है। सबके मन…
एक दूसरे के साथ जीना
एक दूसरे के साथ जीना प्रेम करने से पूर्व मैं तुम्हें जानती नहीं थी , मैं तुम्हें नहीं जान पाई प्रेम करने के बाद भी , पर इस जानने और न जानने के बीच , रास्ते में आई रिश्तों की पगडंडी ने, थक चुके मेरे मन को ये सिखा दिया है कि , प्रेम का…
World environment day/nachiket parmar
इस चित्र को बारह वर्षीय नचिकेत परमार ने बनाया है जिस में उन्होंने बेहद खूबसूरत, स्पष्ट और सार्थक संदेश के साथ चेतावनी भी दिया हैं। नचिकेत परमार विश्व पर्यावरण दिवस विध्वंसक नही संरक्षक बने समस्त ब्रह्माण्ड मे खरबो खरबो मिलों तक फैले आकाशगंगा मे जीवन का नमोनिशान नहीं न उपस्थित प्राणवायु न ही जल…