संस्मरण प्रेमचंद जी के परिवार का

संस्मरण प्रेमचंद जी के परिवार का बचपन में पांचवीं, छटी से ही पुस्तकों में दिनकर, महादेवी वर्मा,मैथिली शरण गुप्त, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जिनके नाम का तिराहा आज भी है, डॉ राम कुमार वर्मा, हरिवंश राय बच्चन जी जो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के “अंग्रेज़ी डिपार्टमेंट , फ़िराक़ गोरखपुरी जी भी अंग्रेज़ी डिपार्टमेंट के हेड रहे पर दोनों…

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विरासत का वर्तमान

  विरासत का वर्तमान आखिर, जिस बिहार का अतीत इतना गौरवशाली रहा है आज वह इतना विकृत कैसे हो गया। बिहार में न तो प्राकृतिक संसाधनों की कमी है और न ही योग्यता की। आखिर वो कौन-से कारण हैं जिनके कारण रोजी-रोटी कमाने बिहारियों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। कुछ तो होगा। ऐसा…

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रास्ते और भी हैं

रास्ते और भी हैं “बोलो बाँके बिहारी लाल की जय ! बोलो बंसी वाले की जय ! जय जय श्री राधे…..!” और असंख्य स्वर एक साथ दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए दंडवत प्रणाम करने लगते हैं। नित्य प्रतिदिन मंगला झांकी का यही दृश्य होता है। आरती आरम्भ हो चुकी है। नेत्र बन्द किए पद्मा ध्यान…

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विस्मृति के गर्भ से: रानी रासमणि

विस्मृति के गर्भ से: रानी रासमणि याद कीजिए उन्नीसवीं सदी के मध्य को। भारत का गौरव विदेशी शक्तियों द्वारा रौंदा जा चुका था। समाज गरीबी और जहालत में डूबा हुआ था। समाज तमाम कुरीतियों, अंधविश्वास में आकंठ डूबा हुआ था। वर्ग, जाति और लिंग का विभाजन बहुत स्पष्ट और क्रूर था। समाज पूरी तरह पुरुषसत्ता…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- राम प्रसाद बिस्मिल

राम प्रसाद बिस्मिल सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजूए-कातिल में है इन पंक्तियों को आत्मा में उतार कर कोई जिया हो तो वे हैं राम प्रसाद बिस्मिल। भले ऐसा समझा जाता है इनके रचयिता वास्तव में बिस्मिल अजिमाबादी थे। ११जून १८९७ को शाहजहाँपुर गाँव में पंडित मुरलीधर और…

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मकर संक्रांति

मकर संक्रांति मकर राशि में कर प्रवेश रवि, ऊर्जा नवल धरे | जीवन के पावन आँगन रवि, मंगल ज्योति भरे | उत्तरायण जाए दिवाकर, ऋतु नव बदल रही | शिशिर गिराता पीत वसन है, मधु ऋतु मचल रही | मन में मंगल भाव लिए जन, पुण्य प्रताप वरें | जीवन के पावन आँगन रवि, मंगल…

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अखण्ड भारत का सरदार

अखण्ड भारत का सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राजनीतिज्ञों में प्रमुख है। भारत की धरती पर उनका नाम ,एक सुलझे हुए सेनानी और राजनेता के रुप में सदा अमर रहेगा ।वल्लभ भाई झावेरभाई पटेल (३१ अक्टूबर १८७५-१५ दिसंबर१९५०) जी सरदार पटेल के नाम से लोकप्रिय थे,वे भारतीय राजनीतिज्ञ थे।उन्होने…

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जोखू जिन्दा है

जोखू जिन्दा है अभिजात्य वर्ग का एक युवक ट्रेन में यात्रा कर रहा था। मुंशी प्रेमचंद की कहानियों की किताब में रमा वह “ठाकुर का कुंआ” कहानी पर अटक गया। कहानी पढ़ते-पढ़ते वह असहज होने लगा। गंगी और जोखू उसके भीतर उतरते चले गए। गले मे खुश्की भरने लगी। उसने बैग में पानी की बोतल…

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