TEN COMMANDMENTS

TEN COMMANDMENTS On the eve of WORLD HEALTH DAY(7th April) My TEN COMMANDMENTS of COVID from PUBLIC’s perspective!!(कुछ महत्वपूर्ण पहलू सबके लिए) Rampaging COVID( Second of so many impending WAVES) makes a few things crystal clear.. 1)MASK is the only realistic protection. 2) Vaccine is NO protection except, perhaps less mortality & severity, but We…

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वसंत की नायिका

वसंत की नायिका वह कहता है कि उसकी हसरतें अक्सर लज़्ज़ित हो जाती है जब ह्र्दयरूपी मंच में उसके प्रेम या इश्क़ को एक मर्यादित स्थान देने की बात करती हूँ।सिर्फ़ इतना कह की तुम्हारी सौम्यता कोई भी परिधि नही लाँघ सकती। उसकी पहले से ही सिकुड़ी आँखे थोड़ा और संकुचित हो जाती है मेरी…

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इंग्लिश  समुद्री  डाकू  और  मुग़ल  सल्तनत 

                                                                            इंग्लिश  समुद्री  डाकू  और  मुग़ल  सल्तनत           इंग्लैंड के संसद भवन में प्रमुख द्वार…

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मैं और मेरी दुनिया

मैं और मेरी दुनिया अति उल्लास से आत्मकथा लिखने बैठी थी । पहले तो लगा कि आज लॉटरी निकल गयी । स्व- कथा लिखनी है । लेखनी को गति मिल जाएगी । आज आत्म- जीवनी लिख सभी को बता दूंगी कि हमने किला फ़तेह कर ली । अपनी गाथा से चकाचौंध कर दूंगी दुनिया को…

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मौसी

मौसी मैं ‘आल इंडिया ओरिएण्टल कांफ्रेंस’ में शिरकत करने कश्मीर गई हुई थी।उस दिव्य प्रदेश का अवलोकन कर मैं अचरज में थी कि इतना मनोरम दृश्य ! वास्तव में इसे धरती का स्वर्ग कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा। यह तो ख्वाब से भी बढ़ कर है। मैं ऐसा अनुभव कर रही थी, जैसे स्वप्न देख…

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और भेड़िया सच में आ गया

और भेड़िया सच में आ गया “क्याआ आ–! सच में!, ऐसा कैसे हो सकता है? दो दिन पहले तो मैं शुभ्रा से मिली थी, परेशान थी वह लेकिन इतनी भी नहीं कि इतना बड़ा कदम उठा ले और वैसे भी वह हमेशा छोटी छोटी बातों को लेकर शिकायत कारती ही रहती थी।” “लेकिन यह सच…

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“आज़ाद हूँ……”

“आज़ाद हूँ……” पल दो पल की बातें नहीं, ख़्यालात लिख रहा हूँ उठ रहे मन में अनेकों सैलाब, बहाव लिख रहा हूँ आज़ाद हूँ , आज़ादी की जज़्बात लिख रहा हूँ अबकी आज़ादी, खुद को “आज़ाद” लिख रहा हूँ “आज़ाद हूँ”…, “आज़ाद” लिख रहा हूँ……….!! किसने क्या कहा, किसने क्या किया कल पर छोड़ता हूँ,…

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अपनेपन का पुष्प खिलाये रखना

अपनेपन का पुष्प खिलाये रखना समय की विषम आंधियों में आस का दीप जलाए रखना अपने उपायों और खूबियों से भारत को बचाये रखना धरती देखो नभ देखो हे ईश्वर! इस कहर से बचाए रखना हे लाड़लों! हम साथ है ये विश्वास बचाये रखना चलो साथियों एकजुट हो इस दानव से जिंदगी की जंग चलाए…

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