मेरे प्रिय कथाकार और उनकी एक कहानी

एक उत्सव हिंदी कथा सम्राट प्रेमचंद एवं कथा, कथाकार और कथा प्रशंसकों के नाम।जुलाई माह प्रतिदिन संध्या सात बजे गृहस्वामिनी के यू ट्यूब चैनल पर । अंतरराष्ट्रीय कथा महोत्सव में 5 जुलाई संध्या सात बजे प्रसिद्ध और वरिष्ठ कथाकार  डॉ सी भास्कर राव जी की कहानी लेकर आ रही हैं कथाकार डॉ जूही समर्पिता और…

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अपनी शक्ति पहचानो

अपनी शक्ति पहचानो निर्भया ! अब जागो डरो नहीं, तुम उठो अपनी शक्ति पहचानो कब तलक दामिनी सी अपना मुँह छुपाओगी कोई राम हनुमान नहीं आएँगे बचाने वानर सेना भी तुम बना नहीं पाओगी कृष्ण भी चीर ना बढ़ाएगा राम के रहते भी हरी गई थी सीता दुःशासनी दुनिया में अंधे तो थे ही अब…

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ब्रह्मांड

ब्रह्मांड तूने रचा ऐसा ब्रह्मांड ईश्वर मेरे लिऐ। रहने को धरती दी , नक्षत्रों से भरा आकाश। सूर्य, चन्द्र, नदी, वन ,उपवन वायु प्राण आधार तूने रचा ऐसा ब्रह्मांड, ईश्वर मेरे लिऐ। सूर्य, चन्द्र समय से आते, ऋतुएं भी आती और जाती। फल फूल समय से खिलते, अन्न का भरा भंडार तूने रचा ऐसा ब्रह्मांड,…

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माँ

      ” माँ “ नभ से विशाल आँचल है माँ, ममता तुम ही कहलायी। स्पर्श मिला जब भी तेरा तो, स्नेह सिक्त  मैं  हो आयी। चरण वंदन करूँ मैं माँ, तूने ही सृष्टि रचायी। पूजनीय हम सबकी ही तुम, संतति में प्राण बसायी। दुलारा किया हरदम तुमने, सही राह भी दिखलायी। नभ से…

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नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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विश्‍व जनसंख्‍या दिवस : चुनौती और सोच

विश्‍व जनसंख्‍या दिवस : चुनौती और सोच साल 1987 से 11 जुलाई को प्रतिवर्ष विश्‍व जनसंख्‍या दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज विश्‍व की आबादी 7 खरब के ऊपर है और यह दिन शायद इसीलिए जरूरी है कि हम बढ़ती जनसंख्‍या से उत्‍पन्‍न चुनौतियों को समझें और अपने भविष्‍य के निर्णय लें। दृष्‍य…

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वसीयत

वसीयत दिन – रात, सोते- जाते ,उठते- बैठते, एक ही ख्याल, एक ही बात , एक ही विचार, अपनी लाडली के नाम वसीयत में क्या करूँ ? क्या दूँ उसे जो उसकी मुस्कान सदाबहार बनी रहे ? क्या करूँ उसके नाम कि उसकी आँखों में बिजलियाँ चमकती रहें, क्या लिख दूँ जिसे पाकर वह सनातन…

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नहीं जाती

नहीं जाती ख़ुदा के घर सड़क कोई नहीं जाती चलो पैदल वहाँ लारी नहीं जाती चली जाती है हँसने और हँसाने से दवा खाने से बीमारी नहीं जाती ज़ियादा सोचने से नींद जाती है मगर इससे परेशानी नहीं जाती मुआफ़ी माँ ने दे दी ख़्वाब में आकर मगर सर से पशेमानी नहीं जाती उसे जाने…

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बसंत

बसंत आया बसंत हर्षित हुए अनंग धरती का मगर देख हाल सिकुड़ा किंचित मस्तक भाल दिल्ली में जब देखा तनाव बदले अपने मन के भाव किया उन्होंने एक एलान लड़ूंगा अबकी मैं भी चुनाव दिखाऊंगा अपना प्रभाव रति लाना मेरा धनुष बाण सुनो सब मेरा संकल्प पत्र मैं ही हूं बस तुम्हारा विकल्प तुम भी…

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चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की संदेहास्पद भूमिका

चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की संदेहास्पद भूमिका आज पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में है।यह महामारी चीन के वुहान शहर से शुरू होकर पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया।लक्षण देखें तो तेज बुखार सरदर्द, बदन दर्द, निरन्तर खाँसी, स्वास नली में संक्रमण तथा सांस लेने में तकलीफ इसके मुख्य लक्षण है।…

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