क्षितिज की लालिमा करे आह्वान”

“क्षितिज की लालिमा करे आह्वान” 15 अक्टूबर शरद पूर्णिमा कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन बिहार के सहरसा जिले में जन्मी बच्ची को डॉक्टर ने हाथों में थामकर घोषणा की, “यह बच्ची बेहद विलक्षण, आगे चलकर पूरी दुनिया में नाम रोशन करेगी”। 2 वर्ष चार महीने की छोटी आयु में ही मां सीता के रूप झांकी…

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चूड़ियों की खनक

  चूड़ियों की खनक रवि के पैर का उत्साह जैसे हवा से बात कर रहा था।घर जल्दी पहुंचने के लिए उसके पैर आतुर हो रहे थे। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वक्त के साथ हमें यू इतने लम्बे समय तक इस तरह अलग रहना पड़ेगा । पूरे एक वर्ष बाद आज उससे मिल…

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हरेक औरत

हरेक औरत एक वक्त ऐसी जगह पहुँच ही जाती है हरेक औरत , जहाँ खुद चुनने पड़ते हैं उसे राह के काँटे खुद बुनना पड़ता है ख्वाहिशों के धागे खुद लिखना पड़ता है तकदीर का किस्सा खुद ढूँढना पड़ता है अपने हक का हिस्सा खुद सहलाने पड़ते हैं जखम तन के खुद सुलझाने पड़ते हैं…

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Invocation

Invocation To You, Our Lady of life The distinct You bridge the hearts of our world You deceive the sun not to set to offer a heavenly embrace Generously you endure the pain Wisely You dominate bright horizons Your tears become earth’s breath Your hands are solid rocks You scatter clouds in your passage Oh,…

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मातृरुपेण हिंदी

मातृरुपेण हिंदी हे मातृरुपेण हिंदी!! हमारी मातृभाषा, हम सब की ज्ञान की दाता हो, जब से हमने होश संभाला, तूने ही ज्ञान के सागर से, संस्कारों का दीप जलाया, हर गुरुजनों की शान हो तुम, उनकी कर्मभूमि हो तुम, जिसने ज्ञान-विज्ञान,वेद-ऋचाओं, और! कर्त्तव्यों का एहसास कराया, सभ्यता-संस्कृति को जीवित रखा, देश विदेश को जोड़े रखा,…

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मोटेराम जी शास्त्री

मोटेराम जी शास्त्री कौआ चला हँस की चाल, अपनी भी भूल गया, प्रस्तुत पंक्ति ही जैसे आधार है मुंशी प्रेमचंद जी की हास्य कथा पंड़ित मोटेराम जी शास्त्री का। बड़े ही सरल एवं सहज भाव से इस पूरी कहानी को आकार दिया है मुंशी जी ने। बहुत ही कम पात्रों के साथ इस कहानी का…

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नहीं जाती

नहीं जाती ख़ुदा के घर सड़क कोई नहीं जाती चलो पैदल वहाँ लारी नहीं जाती चली जाती है हँसने और हँसाने से दवा खाने से बीमारी नहीं जाती ज़ियादा सोचने से नींद जाती है मगर इससे परेशानी नहीं जाती मुआफ़ी माँ ने दे दी ख़्वाब में आकर मगर सर से पशेमानी नहीं जाती उसे जाने…

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हिन्दवासी हिंदी बोलो

हिन्दवासी हिंदी बोलो हम हिंद में रहने वाले हैं हिंदुस्तानी ही कहलाते हैं हिंदी हमारी मातृभाषा है यह देश की राजभाषा है राष्ट्रभाषा भी बन जाएगी ए हिंदवासियों हिंदी बोलो जननी जन्मभूमि ये हमारी स्वर्ग से भी महान होती है तीसरी माँ है ये मातृभाषा प्रथम पूजनीय को त्याग क्यूँ पहने विदेशी ये जामें सबसे…

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