डॉक्टर-एक फरिश्ता

डॉक्टर-एक फरिश्ता डॉक्टर धरती का एक फरिश्ता है, मरीजों का दिल से एक रिश्ता है, मरीजों का नब्ज देख भांप वो लेता, हिम्मत, हौसला बुलंद रखता, हरदम दिमाग से काम वो लेता, बचाकर जीवन वो कितनों की, बनाया सबसे एक रिश्ता है, वो !!!!! एक डॉक्टर नहीं फरिश्ता है, कितने मरीजों को जीवन दान दिया,…

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GLOBAL BHAGAVAD GITA CONVENTION, 2020. (Online Event)

GLOBAL BHAGAVAD GITA CONVENTION, 2020. (Online Event) Universal Message of the Bhagavad Gita. Jai Guru. Inspired by Poojya Swamiji, Center for Inner Resources Development-North America (CIRD-NA) has planned the 4th Global Bhagavad Gita Convention (GBGC) from 10 – 12 October, 2020 (Sat, Sun, and Mon). This year’s convention is an online event. The theme is…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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ग्रामीण संवेदनाओं का कुशल चितेरा मुंशी प्रेमचंद !!

ग्रामीण संवेदनाओं का कुशल चितेरा मुंशी प्रेमचंद !! साहित्य का उद्देश्य केवल लोगों को संदेश देना नहीं होता है। बल्कि श्रेष्ठ साहित्य तो अपने युग का जीता-जागता दस्तावेज होता है। उसमें उस कालखंड की समस्याओं, विशेषताओं, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों का विशद वर्णन होता है जिसे पढ़ कर पाठकों की अन्तःचेतना में एक नई…

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माँ है तो संसार है

माँ है तो संसार है माँ है तो संसार है बिन उसके न प्यार है। माँ की ममता तो ईश्वर का दिया उपहार है।। स्नेह अपार प्यार क्या न दिया माँ ने हमे। माँ की ममता में ही तो जीवन का सार है।। दूर होकर भी जो सदा दिल मे बसती है । एक जरा…

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बड़े लोकेर बेटी लोग

बड़े लोकेर बेटी लोग यह बहुत पुरानी बात नहीं है। एक शहर में एक व्यापारी परिवार था। धन दौलत, ऐशो–आराम की कोई कमी नहीं थी। दूसरे विश्व युद्ध के समय कपड़ों के व्यापार में अच्छी आमदनी हुई। पूरे शहर में एक ही कोठी थी-पीली कोठी। घर के सामने बगीचा, शेरों वाली मूर्ति और संगमरमर का…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- बिरसा मुंडा

बिरसा मुंडा का उलगुलान तब भगत सिंह का जन्म नहीं हुआ था, सुभाष अपनी माँ की गोद में थे, गाँधी को अफ्रीका से लौटना बाकी था और छोटानागपुर के घने जंगलों में एक आदिवासी नवयुवक अपने सीमित संसाधनों और सेना के साथ अंग्रेजों के शासन से आजादी का बिगुल फूंक रहा था | स्वराज्य की…

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रूहानियत

रूहानियत ‘एक कहानी लिखनी है मुझे, सच्ची कहानी.. मेरे और आपके प्यार की।’ ‘क्या दुनिया हज़म कर पाएगी इसे? और फिर लिखोगी क्या इसमें?’ ‘सिर्फ दर्द, मेरा और आपका..’ ‘फिर तो भूल ही जाओ.. कोई नहीं पढ़ेगा इसे।’ और यही चुनौती तो वह शुरुआत थी मेरी और अरुण जी की कहानी की, जिसे मैं न…

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