भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- तुलसी गौड़ा

पद्मश्री तुलसी गौड़ा    “मुझे खुशी है कि मैंने यह पुरस्कार जीता। मैंने कई अन्य पुरस्कार भी जीते हैं।इन सभी पुरस्कारों के बावजूद, पौधे मुझे सबसे ज्यादा खुशी देते हैं।” -यह भावाभिव्यक्ति जीवन के 77 वें वसंत में प्रवेश कर चुकीं कर्नाटक की आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा की है, जिनका नाम अब दुनिया आदर से ले रही…

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सूरदास

सूरदास हिंदी – उर्दू साहित्य के विराट नभ पर दिवाकर सा दैदीप्यमान एक नाम – मुंशी प्रेमचंद । प्रेमचंद एक ऐसे कथाकार थे जिन्होंने साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाते हुए , अपनी कहानियों और उपन्यासों में किसानों, दलितों, श्रमिकों की दयनीय स्थिति का और स्त्री शोषण का मार्मिक चित्रण किया । उनकी…

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कोविड -19 और गर्भवती स्त्री

कोविड -19 और गर्भवती स्त्री आज कोविड-19 ने पूरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया है । विश्व में बढ़ते हुए संक्रमण को संभालने और इलाज करनें के लिए हर स्तर पर विस्तार से कार्य हो रहें हैं। इस वायरस के तीव्रता को मेडिकल सेवा और रिसर्च में लगें, हर क्षेत्र के चिकित्सकगण और…

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मातृदेवो भव

मातृदेवो भव दुनिया की हर चीज झूठी हो सकती है, हर चीज में खोट हो सकता है पर माँ की ममता में कोई खोट नहीं होता है। यूँ तो यह माना जाता है कि किसी भी विषय पर लिखा जा सकता है, अपने भाव को व्यक्त, किया जा सकता है और अमूमन ऐसा होता भी…

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हिन्दी – राजभाषा या राष्ट्रभाषा

हिन्दी – राजभाषा या राष्ट्रभाषा हिन्दी भारत की आत्मा है। यह हर भारतवासी के अस्तित्व व अस्मिता की पहचान है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी की प्रमुख भूमिका रही है। गांधी जी ने यह महसूस किया था कि हिन्दी के द्वारा ही लोगों को जोड़ा जा सकता है क्योंकि हिन्दी ज्यादातर लोगों के आम…

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आगमन

आगमन जिस वक्त द्वार खटखटाया गया भीतर उसके एक मद्धिम दिया जल रहा था द्वार खोल कर देखा तो बाहर विस्मय का धुंआ जोर से उठ रहा था वह भीतर घुस आया और दृढ़ता से अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया वह फटी आंखों से देखती रह गई ऐसे,जैसे डूबता हुआ आदमी बोलने का प्रयत्न तो…

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नया सफर 

नया सफर  राधा ने नए शहर में अपनी नई नौकरी के पहले दिन के लिए खुद को तैयार किया। बचपन में पिता के निधन के बाद, उसकी माँ ने उसे अकेले पाला था। रिश्तों का उसका अनुभव सीमित था। समुद्र तट पर बसे इस छोटे से शहर में एक वृद्धाश्रम था, जिसका नाम था ‘शांतिवन’…

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नमक सत्याग्रह और गांधी जी

   नमक सत्याग्रह और गांधी जी   अपने जीवन के शुरुआती कुछ साल पढ़ाई व् काम के सिलसिले में इंगलैंड व् दक्षिण अफ्रीका में बिताने के बाद जब १९१५ में गांधी जी भारत लौटे तो वे एक बदले हुए इंसान थे. वहां अंग्रेजों का दुर्व्यवहार झेलने के कारण उन्हें भारतवर्ष  की आजादी सर्वोपरि लगी. वे…

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स्त्री मूर्ति नहीं है

“स्त्री मूर्ति नहीं है “ हर रोज कई सवाल कई नजरों के बीच से गुजरती है निर्भयाएं । कहीं बचतीं हैं नजरों और सवालों से , कहीं लड़तीं हैं नजर और सवालों से , निर्भयाएं हर रोज लड़तीं हैं एक युद्ध अपनी पहचान के लिए । ऐसा युद्ध जहाँ सीधे रास्ते भी जाने क्यों बार-बार…

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हिंदी पर ग़ज़ल

हिंदी पर ग़ज़ल वतन की आन है हिन्दी , वतन की शान है हिन्दी वतन की आत्मा हिन्दी, वतन की जान है हिन्दी ॥ सरल है व्याकरण इसका ,सरल है लिखने पढ़ने में करें हम काम हिन्दी में,बहुत आसान है हिन्दी ॥ विलक्षण सभ्यता साहित्य का दर्शन कराती है ज़मानेभर में भारत देश की,पहचान है…

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