पंगा: जीवन का व्यर्थता बोध

पंगा: जीवन का व्यर्थता बोध ‘यह हीनता, अपर्याप्तता और असुरक्षा की भावनाएँ हैं जो व्यक्ति के अस्तित्व के लक्ष्य को निर्धारित करती हैं।’ – एल्फ़्रेड एडलर ‘नया ज्ञानोदय’ के जुलाई २००८ में प्रकाशित दिव्या माथुर की कहानी ‘पंगा’ पहले भी पढ़ी थी, अच्छी लगी थी। दोबारा पढ़ते हुए उसके कुछ अनछूए पहलुओं पर ध्यान गया।…

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Contrasting Natural Calamities Situations of Assam & Afghanistan

Contrasting Natural Calamities Situations of Assam & Afghanistan A natural calamity or a disaster is a major event of adverse nature resulting from natural happeings, such as earthquakes,floods,cyclones,landslides,hurricanes, volcanic eruptions,wildfires etc which impact community at large and also make an area more vulnerable for a certain period. According to International Federation of Red Cross and…

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एकलव्य

एकलव्य ”आंटी जी!..आंटी जी!” कोई धीमे स्वरों में पुकार रहा था. मै टहलने लिए तैयार हो ही रही थी ..गेट पर झाँक कर देखा तो, रुन्छु था. मैंने गेट खोलकर पूछा -”अरे रंछु!..कहाँ था इतने दिन?दिखाई ही नहीं दिया?” ”आंटी जी बाहर गाँव चला गया था. बाबा के साथ काम करने. ..वहां सड़क बन रहा…

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दिव्या जी को जितना मैंने जाना

दिव्या जी को जितना मैंने जाना मिलना मिलाना कहते हैं ईश्वर के हाथों का खेल है और जीवन के किस मोड़ पर किसी ऐसी शख्सियत से भेंट करवा दें कि लगे जैसे आपको तो बहुत पहले से जानते हैं| प्रवासी हिंदी साहित्य लेखन की प्रतिनिधि साहित्यकार जिनका रचना संसार बहुआयामी है, सुश्री दिव्या माथुर जी…

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अयोध्या माहात्म्य: श्रीराम और अयोध्या

अयोध्या माहात्म्य: श्रीराम और अयोध्या उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में फैजाबाद जिले में स्थित अयोध्या शहर, हिंदू भगवान राम के भक्तों के लिए एक तीर्थ स्थान है। अयोध्या राम का जन्मस्थान है जो एक मंदिर के निशान द्वारा चिन्हित है। दिसंबर 1992 तक जन्मस्थान पर एक मस्जिद था, जिसे 1940 के बाद से…

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लंग कैंसर

      लंग कैंसर पुरी दुनिया में होने वाले कैंसरों में सबसे अधिक लंग कैंसर के रोगी ही होते हैं ।हमारा शरीर अनेक प्रकार के अलग-अलग कोशिकाओं से निर्मित है, साधारणतः हमारा शरीर आवश्यकतानुसार नई कोशिकाओं के उत्पादन को नियंत्रित करता है ,जब कुछ कोशिकाएँ उत्पादन की नियंत्रण से बाहर हो जाए, बदलना शुरू…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सावित्रीबाई फुले

सावित्रीबाई फुले महाराष्ट्र के सतारा जिले के नयागांव में एक दलित परिवार में 3 जनवरी 1831 को जन्‍मी सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थी। इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मी था। सावित्रीबाई फुले शिक्षक होने के साथ भारत के नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता, समाज सुधारक और…

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गाड़ी के दो पहिए

गाड़ी के दो पहिए शोभा रसोई में से आवाज़ दे कर पीयू को बुला रही थी कि “बेटा, रसोई में आकर थोड़ी मेरी काम में मदद कर दे। थोड़ी सी बदाम काट कर दे दे।” पीयू रसोई में अपनी मस्ती में उछलते हुए पहुंची और बोली “क्या मां, आप क्या कर रही हो?” शोभा ने…

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मोटेराम जी शास्त्री

मोटेराम जी शास्त्री कौआ चला हँस की चाल, अपनी भी भूल गया, प्रस्तुत पंक्ति ही जैसे आधार है मुंशी प्रेमचंद जी की हास्य कथा पंड़ित मोटेराम जी शास्त्री का। बड़े ही सरल एवं सहज भाव से इस पूरी कहानी को आकार दिया है मुंशी जी ने। बहुत ही कम पात्रों के साथ इस कहानी का…

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भूखा दर्द

भूखा दर्द हरामजादी…कुतिया.. जन्मते बप्पो खयलिं तहियो तोर भुख्हे खतम नाय होलो-कजरिया के पीठ पर ताबड़-तोड़ धौल जमाती परवतिया तो जैसे पागल हुई जा रही थी। माँ के इस व्यवहार से हतप्रभ कजरिया को जैसे साँप सूंघ गया।नज़रे उठाकर कातर निगाह से माँ को देखने लगी जो इस समय किसी रणचंडी से कम नहीं लग…

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