नर्तक

नर्तक वह मस्त होकर नाच रहा था। वह नटुआ नाच का अभ्यस्त लगता था. उसने हरे रंग की काँछ दार धोती और सिर पर पगड़ी पहनी थी जिसमें हरे तोते के पंख खोंसे गए थे। उसके शरीर का ऊपरी भाग नंगा था, लेकिन रंग बिरंगी मोतियों की माला और फूलों की माला से वह कुछ…

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जब आप जंग पे निकली थीं, अस्पताल को

    जब आप जंग पे निकली थीं, अस्पताल को मेरे बाग़ में फलों से भरा एक दिव्य वृक्ष है, वृक्ष यह वृक्ष मेरे बाग़ की मुस्कुराहट है; मुस्कुराहट यह मुस्कुराहट जा रही है कल अवकाश पर! अवकाश उस अवकाश पर जहाँ सँवारा जाएगा मेरे पसंद की मुस्कुराहट की शाख़ को, शाख़ उस शाख़ को…

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स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा

स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा गांधी जी सदैव कहा करते थे कि एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। “गांधीजी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की मुक्ति में विश्वास रखते थे और उन्होंने भारतीय समाज के कायाकल्प की दिशा में चलायी गयी राजनीतिक…

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नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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पर्यावरण दिवस

पर्यावरण दिवस सूखी नदियाँ,सूखी धरती सिसक उठी करती चित्कार, मैली कितनी अब होऊँगी अब सब मिलो, करो विचार। बहा दिया तुम नाली कीचड़ नदी पवित्र इस गंगा में अपने जन से रक्तपात कर रक्त बहाया दंगा में। जंगल काटे,काटे पौधे काट दिए तुम पर्वत को, अपने सुख में मानव तूँ ने बढ़ा दिया है नफरत…

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सिनेमा में होली उत्सवप्रियता का प्रतीक

सिनेमा में होली उत्सवप्रियता का प्रतीक कालिदास के अनुसार मनुष्य मात्र उत्सवप्रिय होता है। उन्होंने शताब्दियों पूर्व कहा था, ‘उत्सवप्रिया: हि मानवा:’। अधिकाँश उत्सव कृषि से जुड़े हैं। जब फ़सल लहलहा रही होती है, फ़सल कट कर आती है तो किसान अपनी मेहनत का फ़ल देख कर झूम उठता है, खुशी से नाचने-गाने लगता है।…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की-अहिल्याबाई होल्कर

अहिल्याबाई होल्कर वैसे तो भारत की वीर भूमि पर बहुत से शूरवीरों ने जन्म लिया, मगर कुछ ऐसे भी शूरवीर हुए जो हमेशा के लिए अमर हो गए, जिनमें से एक नाम अहिल्याबाई होल्कर का है, महाराष्ट्र के अहमदनगर के चौंडी गाँव में सन् 1725  में जन्मीं अहिल्याबाई होल्कर के पिता माकोंजी शिंदे सम्मानित धांगर…

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एक मां हूँ मैं

एक मां हूँ मैं एक मां हूँ मैं, अपने बच्चों के लिए, कोमल भावनाएं रखतीं हूँ। दुनिया की सारी खुशियां, निछावर करना चाहती हूँ। चाहतीं हूँ.. मेरे बच्चे… तू जिन राहों से गुजरे, फूल बिछे हों,उन राहों पर। पर मेरे बच्चे… जान ले कई बार, यह जिंदगी फूलों की सेज है, तो कई बार कांटों…

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रिटायरमेंट

रिटायरमेंट आज फिर उषा प्रियम्बदा की कहानी “वापसी” के किरदार गजाधर बाबू की याद मेरे ज़ेहन में बिजली की तरह कौंध गई। क्योंकि मेरे सामने दूसरे गजाधर बाबू दिखाई दे रहे थे। ४२ वर्ष का विद्यालय जीवन अनुभव कर २००२ में विद्यालय से रिटायर हो रहे थे आशू के पिताजी श्री दीनदयाल सिंह। बहुत खुश…

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