किश्ती और तूफ़ान

किश्ती और तूफ़ान हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के , इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के | तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के , इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के | जैसे जैसे एक और गणतंत्र दिवस निकट आता जा रहा है, मेरी स्मृति के पटल पर…

Read More

प्रेमपत्र सन बहत्तर का

प्रेमपत्र सन बहत्तर का किशन आज बहुत लंबे समय के बाद तुम दिखे।समय को दिनों, महिनों और वर्षों में बाँटने की शक्ति कहाँ थी मुझमें।हर एक पल तो युग की तरह बीता था। कितने युग बीत गए इसका भान ही कहाँ रहा मुझे।मन तो सदा तुम्हें खोजता रहता था। आज तुम पर दृष्टि पड़ी तो…

Read More

तिरस्कार

तिरस्कार टैक्सी जा कर बड़े से गेट के सामने रूक गई। दरवाजा खोल कर आशा बाहर निकली उस के पीछे दोनों छोटे बच्चें। आशा ने टैक्सी का किराया चुकाया, बैग कंधे पर डाला और दोनों बच्चों का हाथ पकड़ कर गेट के सामने आ खड़ी हुई। दरबान ने देखा तो सलाम किया फिर सिर झुका…

Read More

यूँ रखें अपने दिल का ख़्याल

यूँ रखें अपने दिल का ख़्याल   अस्पताल में व्यस्त दिन के बाद ओपीडी और सीसीयू में हृदय रोगियों का इलाज करने के बाद रात करीब 10 बजे घर वापस आ सके। अपना डिनर करते समय मुझे अस्पताल की आपात स्थिति से फोन आया कि एक 35 वर्षीय पुरुष को दिल का दौरा पड़ा है…

Read More

दो मोर्चों पर स्त्री

दो मोर्चों पर स्त्री पुरूष मानसिकता वाले इस समाज में आसान नहीं स्त्री का खड़ा हो पाना स्वतंत्रता से ,बेबाक ,हँसना-मुस्कुराना । पढ़-लिख कर काबिलियत के बल -बूते बाहर पाया मुकाम, बनायी अपनी पहचान भाया तेरा कमाना, काम के लिए बाहर जाना पर नहीं रास आया , तेरा निर्णायक कुछ कह जाना दो-दो मोर्चों पर…

Read More

एक पेड़ लगाएं

एक पेड़ लगाएं जीवन निर्भर जिस प्रकृति पर उसका ही किया अपमान देखो मानव तुमने कैसा किया अपना ही नुकसान विपदा का कारण तुम हो,तुम ही हो वह मनुष्य महान प्रकृति से किया छेड़छाड़ अब क्यों दे वो तुम्हें मान अब तो समझो प्रकृति का संदेश तुमने किया गलत है काम मानव अब तो बदलो…

Read More

उम्मीदों का नया दशक

उम्मीदों का नया दशक 2021से 2030 का समय एक नए दशक का आरंभ कितनी नई जिंदगियों की शुरुआत कितनों की सेवानिवृत्ति कितनों के नए कर्तव्य होंगी कितनी नई किलकारियाँ कितनी नई गृहस्थियाँ जो पालने में हैं, नए आयाम गढ़ेंगे जो पा चुके हैं पंख, वृहद आसमान छूयेंगे नये जहान का विस्तार होगा नयी तकनीक का…

Read More

तुम में ही खुद की तलाश है

तुम में ही खुद की तलाश है लोग कहते है तू मेरी परछाई है मैं कहती हूँ तू मुझमे है मैं तुझमे हूँ ये क्या एहसास है कि तुम में ही खुद की तलाश है ज़ब भी देखूँ तुम्हे मेरा अक्स नज़र आये आइना है मेरा तू ,तुझे देख ही श्रृंगार हो जाये ये क्या…

Read More

पुनः पर्यावरण चिंतन

पुनः पर्यावरण चिंतन ५ जून विश्व पर्यावरण दिवस के नाम समर्पित है। फिर वही पत्र-पत्रिकाओं में कुछ संबंधित चित्र, आलेख, संचार माध्यमों में कुछ चर्चा- परिचर्चा, कुछ सरकारी घोषणाएं और कार्यक्रम। आवश्यकता है हम आमजन पर्यावरण को इसके स्थूल रूप से पृथक इसके वास्तविक रूप में ग्रहण करें। पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर…

Read More

स्तन कैंसर-जागरूकता ही बचाव है

स्तन कैंसर-जागरूकता ही बचाव है स्तन कैंसर दुनिया में महिलाओ में होने वाला सबसे आम या कॉमन कैंसर है। “आंखों को वही दिखाई देता है जो दिमाग को पता हो” सबसे पहले आप लोगों को बताना चाहूंगी कि स्तन कैंसर स्तन के कोशिकाओं और टिश्यू में असामान्य अनियंत्रित वृद्धि को कहते हैं। हमारे देश में…

Read More