सिर्फ एक देह नहीं है औरत

*सिर्फ एक देह नहीं है औरत* ================ ” *औरत काम पे निकली थीं* *बदन घर रख कर* *ज़िस्म खाली जो नज़र आए तो मर्द आ बैठे*  !! “ औरत की आजादी की बात जब भी की जाती है तो एक सवाल अब भी जेहन में कौंधता है कि क्या औरत का अस्तित्व सिर्फ एक शरीर…

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गुजरात की नवरात्रि

गुजरात की नवरात्रि गुजरात की नवरात्रि का सबसे प्रमुख आकर्षण होता है गरबा नृत्य या डाँडिया नृत्य। भारत के अधिकतर राज्यों में मूर्ति पूजा का चलन है लेकिन गुजरात में मूर्ति पूजा की जगह खुले आसमान के नीचे माँ की तस्वीर लगा कर उसकी चारों तरफ झूम कर गरबा नृत्य करके नवरात्रि मनाने की परंपरा…

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जिंदगी एक एवरेस्ट है

  जिंदगी एक एवरेस्ट है एवरेस्ट के शिखर पर फतह पाने वाली पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल ,सही महिलाओं के लिए एक आदर्श व प्रेरणास्रोत हैं। उनके अचीवमेंट के पीछे उनका निरंतर संघर्ष, प्रयास, मेहनत, लगन और चुनौतियों का सामना पूरे आत्मविश्वास और साहस के करने की प्रकृति के कारण ही संभव हो पाया है…

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आगमन

आगमन जिस वक्त द्वार खटखटाया गया भीतर उसके एक मद्धिम दिया जल रहा था द्वार खोल कर देखा तो बाहर विस्मय का धुंआ जोर से उठ रहा था वह भीतर घुस आया और दृढ़ता से अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया वह फटी आंखों से देखती रह गई ऐसे,जैसे डूबता हुआ आदमी बोलने का प्रयत्न तो…

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कैसे कहूं चहूं दिशा में गुणगान करु

कैसे कहूं चहूं दिशा में गुणगान करु ममता तेरी भावों में मैं बांध नहीं पाती मां तुम मेरे लिए क्या हो कैसे बतलाऊ चाहकर भी मै शब्दों में ढाल नहीं पाती समय चक्र पर बैठे देखा है हरदम तुमको सबकी खुशियों को गढकर प्रेम ही भरते देखा खुद को मिटाकर हमे कामयाब बनाने जुनून तेरी…

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कैसे ठहरता बसन्त

कैसे ठहरता बसन्त बसन्त यहां भी आया था द्वार पर ही थी अनुरागी किसलय से भरी थी अंजुरी लहकती उमंग-तरंग सोमरस से भरे घट, परिणय पल्लवों को छूती मंज़र उन पर बैठी अभिलाषा पिक अभी कुहुक ही रही थी पूरी तरह पंचम स्वर पकड़ी भी नहीं ऊपर कहीं से अनायास निर्विघ्न चक्रवाती तूफान ने घेर…

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प्रेम का गुलमोहर रौप दूँ

प्रेम का गुलमोहर रौप दूँ सुनो!! तुम और तुम्हारे ख्याल अब कली से गुलाब बन खिलने लगें हैं प्रियवर हवायें तुम्हारे आने का संकेत दे रहीं हैं चारों और मंद बयार में इश्किया खुशबू है मेरे मन की बगिया प्रफुल्लित है !! मैं लिख देती हूं एक नज्म़ ऊंगली से जो शून्य में और तुम…

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