सांझ जिंदगी की

सांझ जिंदगी की जिंदगी सतत परिवर्तनशील है। जन्म लेने से अंत तक, न जाने कितने अंजान रास्तों से चलते, फिसलते, ठोकरें खाते, संभलते हम निरंतर उस राह पर चलते रहते हैं, जिसकी मंजिल का हमें भी पता नहीं होता। जीवन की सांझ ढलने से पहले सोचा न था कि कभी ऐसा मोड़ आएगा, जो मुझे…

Read More

हमारी सांस्कृतिक ‌भूमि अयोध्या नगरी 

हमारी सांस्कृतिक ‌भूमि अयोध्या नगरी  परमपुज्य‌ अनंतश्री‌ विभूषित योगी सम्राट श्री श्री‌ १०००८. श्री‌ देवरहा बाबा ‌जी महाराज ‌ने वर्षों ‌पूर्व प्रयाग‌राज‌‌ के कुंभ के‌ मेले‌ मे‌ संतो‌ ,राजनितिज्ञों और‌ आम‌ जनता की जिज्ञासा एवं प्रार्थना को स्वीकार करते हुए ये सांत्वना ‌दी थी कि‌,,,”अयोध्या ‌मे‌ं राम‌जन्मभूमि पर‌‌ मंदिर का‌ निर्माण अवश्य ‌होगा‌। जन जन…

Read More

माता तुम अनुपम प्यार

माता तुम अनुपम प्यार प्रकृति का अनुपम उपहार मातृत्व से भरी कोमल नार जननी ममतायी अमृत रसी कोमलांगी माता शक्ति सार नित्य कष्ट सह जाती है माते संतान की पीड़ा हरती हजार ममता रोम रोम में बसता क्या व्याख्या कैसे हो उद्गार समर्पण माँ का अद्भुत भाव जिसको ना हो माप व् भार माँ तो…

Read More

जादू टोना

जादू टोना “माँ इतने समय बाद हम गाँव आये हैं । यहाँ का वातावरण शहर से अभी तो शांत है मगर देखो न यहाँ भी हर घर में अब कार स्कूटर हो गए हैं। लोगों ने जैसे पैदल चलना ही छोड़ दिया।” विस्मित सी मालती चारों ओर खेतों को निहारती हुई बोली। “बेटा इसे ही…

Read More

छठ की महिमा

छठ की महिमा जब विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता की स्त्रियां अपने सम्पूर्ण वैभव के साथ सज-धज कर अपने आँचल में फल ले कर निकलती हैं, तो लगता है जैसे संस्कृति स्वयं समय को चुनौती देती हुई कह रही हो, “देखो! तुम्हारे असँख्य झंझावातों को सहन करने के बाद भी हमारा वैभव कम नहीं हुआ…

Read More

अबल पुरुष

अबल पुरुष पहले रहे होंगे पुरुष प्रबल और प्रभावशाली, पर आजकल वे बड़े अबल होते जा रहे हैं। सच में, क्या कहा? आप नहीं मानते? चलिए तो मैं बताती हूं।जब से सोशल मीडिया और डेटिंग साइट का बोलबाला हुआ है तब है पुरुष, जो है, बेचारा होता चला जा रहा है।ये हम सभी को ज्ञात…

Read More

हिन्दी 

हिन्दी  बचपन मे तुतलाकर बोली,वो मधुर से बोल हिन्दी अम्मा ने ‘माँ’ ‘माँ’ सिखलाया,प्यार का रस धोल हिन्दी दिल से आंँगन तक बहती नद,प्रीत की वह जीत हिन्दी उत्तुंग हिम शिख की ऊंचाई,धवल मणिकांत सी हिन्दी हिन्द महासागर गहराई,रत्न जो निपजाय हिन्दी। इसमेंअमृत सी मिठास है,सूरज की उजास हिन्दी ‘भारतेंदू’ ‘प्रेम’ महावीर’,ने भरे भंडार हिंदी।…

Read More

जीवनशैली में बदलाव -कोविड19

जीवन शैली में बदलाव- कोविड 19 यदि हम गूगल में खोजें कि कोरोना वायरस क्या है, इसकी उत्पत्ति कहाँ से हुई, इसका संक्रमण कैसे होता है, संक्रमण को कैसे रोका जा सकता है, फलां फलां तो पलभर में इन सबके जवाब हमें मिल जाएँगे लेकिन यदि हम खोजें कि कोरोना संक्रमण कब रुकेगी, दुनिया कब…

Read More

मेरी माँ 

मेरी माँ आज अचानक जब कहा मेरी माँ ने मुझसे लिखो ना मेरे ऊपर भी कोई कविता और फिर ध्यान से देखा मैंने माँ को आज कई दिनों बाद । अरे ! चौंक सी गयी मैं माँ कब बूढ़ी हो गयी ? सौंदर्य से दमकता उनका वो चेहरा जाने कब ढँक गया झुर्रियों से माँ…

Read More