दूसरी फूलो

दूसरी फूलो आज अचानक से फूलो का चेहरा मेरे सामने कौंध गया और फ्लैश बैक की तरह उसका जीवन परत-दर-परत खुलने लगा। उसका वास्तविक नाम फूलवंती था पर, उसके जीवन में सुगंध का कहीं नामों निशान तक नहीं था। बाल्यावस्था में ही उसने मां को खो दिया था । पिता शादी कर दूसरी मां ले…

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सरिता सुराणा की कविताएं

सरिता सुराणा की कविताएं १.आओ अमृत महोत्सव मनाएं आओ अमृत महोत्सव मनाएं आजादी की गौरव गाथा गाएं। याद करें आजादी के रणबांकुरों को गुमनामी के अंधेरों में खोए उन वीर शहीदों को श्रद्धानत हम शीश नवाएं। आओ अमृत महोत्सव मनाएं।। न भूलें बाल, पाल और लाल के साहस को भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदानों…

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क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद

क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद मैं गुलामी का कफन, उजला स्वप्न स्वाधीनता का नाम से आजाद, हर संकल्प से फौलाद हूं मैं। – श्रीकृष्ण सरल मात्र 14 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर ने कानून भंग आंदोलन में अपना योगदान दिया।1921 में गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े। इस आंदोलन में भाग लेने पर जब अंग्रेजों ने उन्हें…

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क्या खोया क्या पाया

क्या खोया क्या पाया (इस लॉकडाउन में) विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण जिस दिन पूरी तरह से लॉकडाउन की घोषणा की गई, लगा जीवन थम गया। जीवन की बिल्कुल ही नई परिस्थिति और डर ने मिल कर एक अजीब सा माहौल बना दिया था जो खुशगवार तो नहीं था, सबकुछ उलट पुलट सा गया था।…

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परिणति

परिणति   अभी थोड़ी देर पहले जाकर घर का काम निपटा है। चलो अच्छा हुआ महरी भी आकर चली गई। चैन की सांस ली मैंने।अब दो घंटों की छुट्टी। रोहित चार बजे तक आएगा और उसके पापा आठ बजे तक।अपने कमरे में आकर मैंने एक पत्रिका उठाई और पेज पलटने लगी।तभी मोबाइल बज उठा।किसका हो…

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महिला सशक्तिकरण/सक्षमीकरण

महिला सशक्तिकरण/सक्षमीकरण वैसे भी महिला सशक्तिकरण पर लिखना ही अपने आप को “अबला” साबित करना है, हमे अपने आप पर लिखना ही एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है.. क्यों?? लिखने पर पाबन्दी नही है, खुब लिखे पर,खुद के लिए दया, विफल नारी, आश्रित,कहकर मत लिखिए, “नारी”ईश्वर की अनुपम और सर्वश्रेष्ठ कृति,सृजन करने वाली,और जब वह सृजन…

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मैट्रिमोनियल

    मैट्रिमोनियल ‘ हैलो जी, मैं अरवी का पिता चेतक अरोरा। आपके बेटे की प्रोफाइल देखी है। आप मेरी बेटी की प्रोफाइल देखी लीजिए।’ ‘जी! अभी देखती हूं।’ सरुना तुरंत अरवी की प्रोफाइल देखने लगी। जिसमें लड़की का नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान के साथ-साथ लड़की की ऊंचाई, रंग-रूप, प्राप्त शिक्षा और…

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मेरी कहानी

मेरी कहानी शाम का धुंधलका और एक सोलह साल की लड़की अपनी किताबों की दुनिया में खोई अपने को रानी झाँसी समझ रही थी तभी उसके कानों में पिता के शब्द पड़े जो माँ से कह रहे थे की ऐसा रिश्ता जल्दी नहीं मिलेगा ।माँ का जवाब था अरे अभी वो छोटी हैं और फिर…

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कम ज्ञात नारी स्वतंत्रता सेनानी

कम ज्ञात नारी स्वतंत्रता सेनानी भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास कुछ ऐसी वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है जिसे पाठ पुस्तकों में कोई स्थान नहीं मिला है और जिसकी चर्चा भी शायद ही होती है। उन्हीं में से कुछ पन्नों की धूल को हटाकर मैं दो वीर माताओं की कहानियाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ,…

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एक पेड़ लगाएं

एक पेड़ लगाएं जीवन निर्भर जिस प्रकृति पर उसका ही किया अपमान देखो मानव तुमने कैसा किया अपना ही नुकसान विपदा का कारण तुम हो,तुम ही हो वह मनुष्य महान प्रकृति से किया छेड़छाड़ अब क्यों दे वो तुम्हें मान अब तो समझो प्रकृति का संदेश तुमने किया गलत है काम मानव अब तो बदलो…

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