वह अजीब स्त्री

  वह अजीब स्त्री लोग बताते हैं कि जवानी में वह बहुत सुन्दर स्त्री थी। हर कोई पा लेने की जिद के साथ उसके पीछे लगा था। लेकिन शादी उसने एक बहुत साधारण इंसान से की जिसका ना धर्म मेल खाता था, ना कल्चर। वह सुन्दर भी खास नहीं था और कमाता भी खास नहीं…

Read More

सावन क्वीन

कान्यकुब्ज अनुभूतिद्वारा मंगलवार को होटल दर्शन बिष्टुपुर में सावन मिलन का प्रोग्राम हरियाला सावन रखा गया था। जिसमें सावन क्वीन ब्यूटी विद ब्रेन्स प्रतियोगिता एवं विभिन्न प्रकार के गेम तंबोला सोलह सिंगार गेम और गीत संगीत आदि का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का संचालन सीमा बाजपेई ने किया ।जज के रूप में अर्पणा संत…

Read More

शार्दुला की कलम से

सच कहूँ तेरे बिना! सच कहूँ तेरे बिना ठंडे तवे सी ज़िंदगानी और मन भूखा सा बच्चा एक रोटी ढूँढता है चाँद आधा, आधे नंबर पा के रोती एक बच्ची और सूरज अनमने टीचर सा खुल के ऊंघता है ! आस जैसे सीढ़ियों पे बैठ जाए थक पुजारिन और मंदिर में रहे ज्यों देव का…

Read More

आये मेरे प्रभु राम 

आये मेरे प्रभु राम    आज अयोध्या नगरी सजी दीपों से है राम हर दीप में जगमग करता है प्रभु का नाम धरती पुण्य दिशायें गुँजे देखो ये आकाश पावन सरयू लहर कहे पुनीत हुआ ये काम ।   पुण्य दिवस माघ द्वादशी आये मेरे राम घर घर उत्सव गीत हो रहा आये प्रभु राम…

Read More

क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल

क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल   यह तीर्थ महातीर्थों का है.. मत कहो इसे काला पानी.. तुम सुनो यहाँ की धरती के.. कण कण से गाथा बलिदानी. प्रखर राष्ट्रभक्ति की ये पंक्तियां भारत वर्ष के स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी श्री गणेश दामोदर सावरकर जी के होठों पर तब भी सजी हुई थी…

Read More

“कलम आज उनकी जय बोल “

“कलम आज उनकी जय बोल “ प्राण हाथों मे हैं लेकर रहते निडर दुश्मन से भीड़ हैं जाते रक्षा थल वायु जल में करते देश पे जान न्यौछावर जय बोल कलम आज उनकी जय बोल दृढ़ संकल्प वीरता भाषा उनके त्याग तपस्या से वे ना मुख मोड़े निश्छल जीत उनके मन लुभाये माता भारती उनके…

Read More

ऑनलाइन खाना

    ऑनलाइन खाना पिताजी के इस दुनिया से जाने के बाद माँ का आना-जाना लगा ही रहता था। प्रिया उनकी इकलौती संतान थी,पिताजी के जाने के बाद माँ एकदम अकेली पड़ गई थी।घर का कोना-कोना पिता जी के साथ बिताए मधुर पल की याद दिलाता रहता,जब माँ घर के अकेलेपन से डरने लगती तो…

Read More

आगमन

आगमन जिस वक्त द्वार खटखटाया गया भीतर उसके एक मद्धिम दिया जल रहा था द्वार खोल कर देखा तो बाहर विस्मय का धुंआ जोर से उठ रहा था वह भीतर घुस आया और दृढ़ता से अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया वह फटी आंखों से देखती रह गई ऐसे,जैसे डूबता हुआ आदमी बोलने का प्रयत्न तो…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- जवाहरलाल नेहरू

जवाहरलाल नेहरू एक विशिष्ट व्यक्तित्व यदि हम भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की समीक्षा करें तो पाते हैं कि देश को आजादी दिलाने में अनेक राजनेताओं, क्रांतिकारियों देशभक्तों ,रचनाकारों,लेखकों,पत्रकारों व साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विभिन्न महान व्यक्तियों की असीम संख्या में जवाहरलाल नेहरु जी का विशिष्ट…

Read More