Deteriorating Situation In Sri Lanka
Deteriorating Situation In Sri Lanka It’s the unfortunate period of political and acute economic crisis in some countries of Indian Sub- continent. Afghanistan reverted to Taliban rule from 15th August 2021 but after so many months common man is struggling for fulfilling his basic needs and children too are suffering on nutrition front.Women in general…
जीते भारतवर्ष
जीते भारतवर्ष बेटे की शहादत पर गर्व के साथ-साथ… दुःख और दर्द के अथाह सागर में डूबा परिवार, बहुत आक्रोशित है हर हाल में लेना चाहता है बदला दुश्मन देश से…. लेकिन फ़िर भी उस परिवार का पिता नहीं चाहता है वो युद्ध वो नहीं चाहता किसी और पिता के कंधों को सहना पड़े जवान…
तुम सब कैसे जान जाती हो
जब जब उदास होती हूं पर तुम्हें ना बताती हूं, क्यों दर्द दूं अपने गम को बताकर इसलिए तुमसे छुपाती हूं, पर जादूगरी कैसी तुमको आती है मां !तुम सब कैसे जान जाती हो … जागती हूं में रातों को जब नयनों में समंदर लिए, तुम भी तो फिक्र में मेरी रात आंखों में बिताती…
Mother’s Tears
Mother’s Tears Her face is full of fine lines It becomes more obvious when her heart is touched Her body, which was already old, looked more and more fragile When her soul covered with sweat Her hands were shaking, her voice was boisterous When the tears melted Pandemic, tackle his dream come true Her dream…
प्रतिभाशाली रानी- एलिजाबेथ प्रथम
प्रतिभाशाली रानी- एलिजाबेथ प्रथम वे गगन सी विस्तृत,सूरज सी ओजस्वी और ध्रुव तारे सी उज्ज्वल थीं । वे उच्च चारित्रिक मूल्यों वाली सशक्त महिला थीं और एक महान रानी थी। एलिजाबेथ प्रथम का जन्म 7 सितम्बर, 1533 को पैलेस ऑफ प्लेसेंटिया ,ग्रीनविच, इंग्लैंड में हुआ था। हेनरी अष्टम और उनकी दूसरी पत्नी ऐनी बोलिन की…
कैसे रहा जाए बी पॉजिटिव?
कैसे रहा जाए बी पॉजिटिव? जब चारों तरफ मचा हो हाहाकार, पूरे विश्व में कोरोना नाम के इस मर्ज ने आफत मचा रखी है।वैज्ञानिकों की एक साल की मेहनत,वैक्सीन के रूप में मिली है लेकिन अभी भी पूर्णत संतुष्टि नहीं मिल पाई । लोग वैक्सीन लेने के बाद भी इस रोग की चपेट में आ…
एक पेड़ लगाएं
एक पेड़ लगाएं जीवन निर्भर जिस प्रकृति पर उसका ही किया अपमान देखो मानव तुमने कैसा किया अपना ही नुकसान विपदा का कारण तुम हो,तुम ही हो वह मनुष्य महान प्रकृति से किया छेड़छाड़ अब क्यों दे वो तुम्हें मान अब तो समझो प्रकृति का संदेश तुमने किया गलत है काम मानव अब तो बदलो…
भारतं त्वम् भारतं
भारतं त्वम् भारतं विश्व का इतिहास देखो खुद को सबके साथ देखो सूर्य की पहली किरण से तुमने जग को रौशनी दी जानता है जग ये सारा मन में मानवता भरा है सभ्यता का सूर्य भारत ज्ञान की नव चेतना है प्रण-प्रतिज्ञा प्रेम-पावन कर लो तुम प्रण-प्राण से कल का भारत आज तुमको फिर…