हिंदी चालीसा
हिंदी चालीसा श्रेष्ठ, सुगढ़, सुखदायिनी, हिंदी सुहृद, सुबोध, सरल, सबल, सुष्मित, सहज, हिंदी भाषा बोध। नित-प्रति के व्यवहार में, जो हिंदी अपनाय, ’सरन’ सुसत्साहित्य का सो जन आनंद पाय। जय माँ हिंदी, रुचिर भारती, सुकृत कृतीत्व सुपथ संवारती। १. रचनाकारों के मन भाती, सत्साहित्य की ज्योति जगाती। २. जगमग ज्योतित करे हृदय को, हुलसित-सुरभित करे…