बेटी

बेटी बेटे बेटी के मसलों ‌को,कब तक उलझाओगे प्यारे रिश्तों को कब तक भरमाओगे। अनमोल हैं माता पिता ‌के दोनों समाज,कब तक भ्रम फैलाओगे। श्री रूप धर आई बेटियाँ सरस्वती बन पधारी बेटियाँ अपनी उपस्थिति से घर को महकाती हैं जानकी की अवतार हैं बेटियाँ। संस्कृतियों का संगम हैं ये संस्कारों की धरोहर हैं ये…

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सुभागी

सुभागी महान कथा सम्राट, क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी “सुभागी” पर समीक्षात्मक आलेख। कहा जाता है। जितना कहा जाना था। जितना लिखा जाना था, वो सब कहा और लिखा जा चुका है। प्रकृति प्रदत्त पंच तत्वों के नैसर्गिक एवम भौतिक प्रतिमान शाश्वत हैं। जिनकी विद्यमानता अनादिकाल से अनवरत स्थापित है। समय काल…

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यू आर माय वैलेंटाइन

यू आर माय वैलेंटाइन मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे यूं समाहित हुए मेरा सब कुछ हुआ तेरा तेरा सब कुछ हुआ मेरा तेरा मान सम्मान स्वभिमान सुख दुःख सफलता धन सम्पत्ति परिवार जिम्मेदारी हुई मेरी और मेरी हुई…

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खानदान 

खानदान  आनन्द और ख़ुशी जीवन का अनमोल खजाना है .यदि आनन्द और खुशी की यादों का गुलदस्ते मिल जाये तो अनेक फूलों की खुशबू आती है .जब जी चाहे उस गुलदस्ते का एक फूल निकालकर अपने को उस सुगंध में डुबो दें . ऐसा ही आनन्द और ख़ुशी का गुलदस्ता मेरी और सुनन्दा की दोस्ती…

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स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा

स्त्री-शिक्षा पर गांधी जी की अवधारणा गांधी जी सदैव कहा करते थे कि एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। “गांधीजी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की मुक्ति में विश्वास रखते थे और उन्होंने भारतीय समाज के कायाकल्प की दिशा में चलायी गयी राजनीतिक…

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अब मैं भी माँ जैसी ही माँ बनूँगी

अब मैं भी माँ जैसी ही माँ बनूँगी… ” मैं भी एक माँ हूँ पर टूट जाती हूँ कई बार… फिर माँ आती है … कभी ख़्वाबों में,कभी बातों में और बढ़ाती है अपना हाथ खींच लेती है मेरे सारे दर्द दफन कर लेती है उन्हें भी अपने सीने में किसी को भनक नहीं लगने…

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सिर्फ पूजा नहीं स्वच्छता भी जरूरी

सिर्फ पूजा नहीं स्वच्छता भी जरूरी आज गुरु पूर्णिमा है। गुरु यानी आध्यात्मिक गुरु, फिजिक्स या अलजबरा सिखाने वाला गुरु नहीं। भारतीय अध्यात्म में दर्शन का बहुत महत्व है। दर्शन का अर्थ है दिव्यत्व की एक झलक पाना। कहते हैं गुरु या मंदिर की मूर्ति का एक दर्शन भी शिष्य को पवित्र कर देता है।…

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पर्यावरण में फिर से हरा रंग भरें

पर्यावरण में फिर से हरा रंग भरें आओ मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को हम हरित करें, इस बेरंग होते पर्यावरण में फिर से हरा रंग भरें। ग्लोबल वार्मिंग जो हो रहा भूमंडल नाशक है, पेड़ों के काटने से जो बनी स्तिथी नाजुक है. आओ मिलकर कोई उपाए हम त्वरित करें, इस बेरंग होते पर्यावरण में फिर…

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