मानव सभ्यता का अदृश्य दुश्मन कोविड 19

मानव सभ्यता का अदृश्य दुश्मन कोविड 19 कोरोना पर चिंतन ‌करने से पहले हम अपनी पुरानी सभ्यता संस्कृति पर एक नजर डाल लें । पृथ्वी , काल और समय के अनुरूप सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और भौगोलिक मांग के अनुसार अपना संतुलन बनातीं रही हैं । त्रेतायुग में एक युद्ध ,द्वापरयुग में एक युद्ध फिर अभी…

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दोगले इंसान

दोगले इंसान सहमी खड़ी है इंसानियत कौन मसीहा कौन हैवान ! सोच-समझ चली चालों को फिर दे देते हादसों का नाम ! पूज कर कन्या रस्म निभाते नज़रों में छुपा रखते शैतान ! ओढ़ मुखौटा धर्म-कर्म-कांड पूजते अल्लाह औ भगवान ! पत्थरों में दिखता जिनको ईश् जीवों की पीड़ा से वो अनजान ! पढ़ न…

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फिर होली में

फिर होली में हुई आहट खोला था जब द्वार मिला त्यौहार । आया फागुन बिखरी कैसी छटा मनभावन। खेले हैं फाग वृन्दावन में कान्हा राधा तू आना। तन व मन भीगे इस तरह रंगों के संग। स्नेह का रंग बरसे कुछ ऐसे छूटे ना अंग। रंगी है गोरी प्रीत भरे रंगों से लजाई हुई। आई…

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Order Food In Train

ट्रैन पकड़ने से पहले ये काम करना ना भूलें वरना बाद में हो सकती है परेशानी

जब आपकी यात्रा की जरूरतों का ख्याल रखने की बात आती है, तो कुछ बातों पर विचार करना चाहिए। उनमें से एक यह सुनिश्चित करना  है कि आप ट्रेन में जो भी भोजन खाना आर्डर करना है , उसके लिए आप तैयार हैं – चाहे वह बिजली की कमी हो, देरी हो, या असामयिक रद्दीकरण…

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उस अमवा की छांव में

अमवा की छांव में चल साथी चउसलकर बैठेंगे उस अमवा की छांव में,.. चल थोड़ा जीकर आते हैं हम यादों के गांव में,.. कैसे तुम मिलने आए थे शादी का करके इरादा,.. वो पल जब करके गए थे तुम जल्दी आने का वादा,.. वो मस्तियां वो शोर शराबा हमारी शादी के चाव में,.. चल थोड़ा…

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अपनी हिंदी

अपनी हिंदी  आओ बात करें हिंदी की, शीर्ष पर सजी बिंदी की, मोती से अक्षर से सजती, हिंदी हर धड़कन में बसती। मीठी, मधुर है भाषा अपनी, जिसका ना है कोई सानी, अक्षर, शब्दों और वाक्यों से, नित नई रचती काव्य – कहानी। अपने अथाह साहित्य सागर से , हिंदी सबका परिचय करवाती, मन के…

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हमारी मातृ भाषा हिंदी

हमारी मातृ भाषा हिंदी हिन्दी हमारी मातृभाषा सरल ,सुन्दर और प्रभावशाली। समृद्ध भी है, साहित्य अपार है। फिर भी उपेक्षित, निम्न, और कंगाल है।अपने बच्चों द्वारा ही तिरस्कार है। अभिवादन, प्रशंसा, धन्यवाद सभी पर, विदेशी का अधिकार है। धीरे-धीरे घरों मैं बढ़ रहा इसका व्यवहार है। लिखित कथन अंग्रेजी वर्णमाला पर निसार है। यही प्रगति…

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गृहस्वामिनी कपल

गृहस्वामिनी कपल अग्नि के फेरे हुए सात साक्षी मान ध्रुव तारा को जो मैं और तुम दो अलग अलग चेहरे दिल शरीर जान आत्मा व्यक्तित्व आस्तिव परिवार दोस्त वातावरण फिर भी हम ऐसे एक दूसरे मे ऐसे समाहित हुए मेरा सब कुछ तेरा हुआ तेरा सब कुछ मेरा हुआ तेरा मान सम्मान-स्वभिमान सुख-दुःख , सफलता,…

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The Wintertime Lover

The Wintertime Lover Skipping through the surface of pond, your smile greets me with solemn pride, a relentless poker-faced killer. nonchalant and composed. The four- leaf clover sprang up from the earth, longing for your gentle touch. Alas, you turned away in disdain for such a young love in bud. A flicker of hope came…

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उम्मीदें इन्द्रधनुषी हुईं

उम्मीदें इन्द्रधनुषी हुईं एक एक अजीब सी सिरहन हुई ,और गुदगुदी भी, उस दिन शिंदे की तस्वीर देखी अखबारों में।गले में लालचारखाना गमछा,पाँव में बूढे चप्पल ,गोदी में , हरी साड़ी ब्लाउज में,चलने में लाचार बूढ़ी मौसी।बीवी,दो बच्चे और एक अंधी बहन का भार,फोटो के नीचे का दो लाइन वाला कैप्शन ढो रहा है।पीछे लम्बा…

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