आत्मकथा

आत्मकथा आत्मकथा लिखने का विचार जब भी आता अन्तर्मन में एक उथल- पुछल्ले सी मच जाती। बचपन बीता, जवानी बीती,चलते ही रहे, सदा चलते ही रहे, खट्टी-मीठी यादों को समेटे। समय जो मुट्ठी में बन्द रेत सा फिसल जाता है फिर कहाँ वापस आता है।जाने क्या क्या रंग दिखाता है … ज़िन्दगी कभी सहेली कभी…

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माँ की याद

माँ की याद ————— तुम याद बहुत आती हो माँ। खुद में तुमकों, तुममें खुद को पाती हूँ, माँ तुम याद बहुत आती हो माँ। आती हैं याद बचपन की। जब बच्चो को करती प्यार डांट और फटकार लगाती, तब तुझको खुद में पाती हूँ माँ। तुम याद———-। हम बच्चों के खातिर, दिन भर करती…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- रतन टाटा

रतन नवल टाटा “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूं और फिर उन्हें सही करता हूँ।” – रतन टाटा भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) से सम्मानित रतन टाटा एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति हैं, जिन्होंने न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी ख्याति प्राप्त की…

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क्लारा बार्टन- नर्सिंग की प्रणेता

क्लारा बार्टन- नर्सिंग की प्रणेता जीवन काल-दिनांक: 25 दिसंबर, 1821 – 12 अप्रैल, 1912 (क्रिसमस दिवस और गुड फ्राइडे) व्यवसाय- नर्स, मानवतावादी, शिक्षक पारिवारिक पृष्ठभूमि- पिता: स्टीफन बार्टन, किसान, चयनकर्ता और विधायक (मैसाचुसेट्स), माता : सारा (सैली) स्टोन बार्टन, चार बड़े भाई-बहन: दो भाई, दो बहनें शिक्षा- लिबरल इंस्टीट्यूट, क्लिंटन, एनवाई (1851), क्लारा बार्टन ने…

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अनुभूति

अनुभूति ” माँ कल मेरे स्कूल में लेख प्रतियोगिता है, क्या आप मेरी मदद कर देंगी ” – अंकुर ने स्कूल से आ कर माँ से कहा । ” हाँ क्यों नहीं बेटा किस विषय पर लिखना है ” – माँ ने प्यार से पूछा । ” प्रेम ” पर — कहा अंकुर ने अरे…

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अयोध्या

अयोध्या राम लल्ला को उनकी जन्मभूमि मिल गई और भारत को उसका सुकून। खुरच-खुरच के दर्दीली बन गई चमड़ी साफ, सुथरी और सुंदर हो गई। प्रजातंत्र है भई! देर लग सकती है पर काम हो जाता है। ज़मीन के नीचे छुपे तथ्यों को खींच कर ऊपर लाने की ज़रूरत थी। फ़ायदा ये हुआ कि अब…

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नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली

नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति और उच्च शिक्षा प्रणाली नई राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (NEP) 2020 भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर परिवर्तनों लागू करने का प्रयास है, जिसमें देश में शिक्षा की nai समझ- स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर बल है एनईपी ने मानव संसाधन विकास…

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अपनी हिंदी

अपनी हिंदी  आओ बात करें हिंदी की, शीर्ष पर सजी बिंदी की, मोती से अक्षर से सजती, हिंदी हर धड़कन में बसती। मीठी, मधुर है भाषा अपनी, जिसका ना है कोई सानी, अक्षर, शब्दों और वाक्यों से, नित नई रचती काव्य – कहानी। अपने अथाह साहित्य सागर से , हिंदी सबका परिचय करवाती, मन के…

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