कोरोना : क्राइसिस या कच्चा माल ??

कोरोना : क्राइसिस या कच्चा माल?? आज जब सम्पूर्ण संसार कोरोना वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, वो भी बिना किसी अस्त्र/शस्त्र के, क्योंकि ना तो इसका निदान है और ना हीं उपचार। भारत जैसे लोकतंत्र के लिए यह क्राइसिस और भी भयावह हो जाती है! यह सर्वविदित है कि भारत की अपार जनसंख्या और…

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राष्ट्रभाषा हिन्दी का संघर्ष

राष्ट्रभाषा हिन्दी का संघर्ष आज हिंदी बहुत इतरा रही थी।सुबह से ही शुभकामनाओं का मानो तातां ही लगा हुआ था।व्हाट्सएप, फेसबुक, न्यूज चैनल आदि सभी जगह बस हिंदी की ही प्रशंसा।प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, बड़े-बड़े सेलिब्रिटी सभी आज हिंदी के महिमा मंडन में ही लगे थे।हिंदी ने तो आज कोरोना, रिया यहाँ तक कि कंगना को भी…

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आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम

आदित्यपुर में बदलता पर्यावरण और हम झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में आदित्यपुर क्षेत्र आता है l बीसवीं सदी तक आदित्यपुर में गाँव का वजूद मौजूद था l पेड़-पौधे थे, हरियाली थी और साफ-सुथरे जल स्त्रोत मौजूद थेl वर्तमान समय में आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण की अंधी दौड़ में यह सब कुछ धूमिल…

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सूर्य देव और छठी मैय्या

सूर्य देव और छठी मैय्या छठ मैया कौन-सी देवी हैं? सूर्य के साथ षष्‍ठी देवी की पूजा क्‍यों? सूर्य के साथ षष्‍ठी देवी की पूजा का खास महत्‍व क्‍यों है, विस्‍तार से जानिए। कई लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि छठ या सूर्यषष्‍ठी व्रत में सूर्य की पूजा की जाती है, तो…

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आया है मौसम प्यार का

आया है मौसम प्यार का   हरे-भरे पहाड़ों पर बर्फ का गिरना नदी का कल-कल प्रवाह चिड़ियों का चहचहाना सरसों की बालियों का खेत में इठलाना आम में मंजरियों का आना गेहूं और ज्वार का पकना रंग-बिरंगे फूलों से धरा का सजना तितलियों का मंडराना भौरों का गुनगुनाना मंद- मंद बहती बासंती बयार का गीत…

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अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला

अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला देते हुए केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिये एक ट्रस्ट स्थापित करने, मंदिर निर्माण की योजना बनाने तथा संपत्ति का प्रबंधन करने का आदेश दिया।…

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वरदान

वरदान निर्वाक है वाचक, लेखनी डरी हुई है, अंधेरा रात का दिन में भरी हुई है बहुतेरे प्रश्न उमड़ता, उत्तर मांगता हूँ, जड़ता विनाश को लेखनी दौड़ाना चाहता हूँ। गले में फंसी आवाजें जुबान दब रही है, आपसी भाई चारे की लाशें निकल रही हैं खुला आसमान सांस चाहता हूँ, लेखनी में जोर और बन्दूके…

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The Body

The Body With eyes half-closed and a headache that won’t be purged by aspirin’s priests, which I eject from my body — My body that I don’t like so much, but I don’t mock it as it should be mocked. Or love it as it should be loved. I never sip drowsiness all at once,…

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सेवानिवृत्त

सेवानिवृत्त   “कनिका एक गिलास पानी लाना। आज बहुत थक गया हूँ ।” सोफ़े पर बैग रखते हुए युग ने अपनी पत्नी से कहा । “आप बैठिए । अभी लाई ।” कनिका ने युग से कहा । कनिका ने ट्रे में रखे पानी के गिलास और सोनपापड़ी को आगे बढ़ाते हुए युग से कहा, “…

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