उम्मीदें अभी बाकी हैं

उम्मीदें अभी बाकी हैं जितनी तेजी से मानव सभ्यता का विकास हुआ है, उतनी ही तेजी से प्रकृति और प्रदत प्राकृतिक संसाधनों का दोहन। शोध और अध्ययन भी अनवरत जारी हैं और सामने आने वाले निष्कर्ष कई बार चिंता और डर से युक्त परिस्थिति पैदा कर रहे हैैं। वैश्विक तापमान में वृद्धि एक बड़ी समस्या…

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स्वतः एक बदलाव

स्वतः एक बदलाव आज पूरा विश्व कोरोना की महामारी से त्रस्त है। दुनियाभर को पीड़ित करने वाला कोरोना वायरस प्रकृति से ‘जूनेटिक’ है। इसका मतलब यह है कि यह जानवर से मनुष्यों में फैलता है लेकिन कोविड 19 जैसे कुछ कोरोना वायरस मनुष्यों से मनुष्यों में फैलते हैं। कोरोना एक खास प्रकार का वायरस है…

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अनाथ लड़की

अनाथ लड़की यह तो निर्विवाद सत्य है कि साहित्य समाज का आईना है, और सच्चा साहित्यकार वहीं है, जो तत्कालीन परिस्थितियों के परिवेश में समाज में व्याप्त आचरण, सभ्यता और कुरीतियों से आपको परिचित कराता है। पर यही वह साहित्यकार है, जो आपको समाज के कटु यथार्थ के साथ साथ उसके लिए खूबसूरत आदर्शों की…

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वर्तमान साहित्य में स्त्री उत्थान क्यों और कैसे ?

  वर्तमान साहित्य में स्त्री उत्थान क्यों और कैसे ? साहित्य के संदर्भ में चाहे अतीत हो या वर्तमान अथवा भविष्य। उत्पीड़ा की एक त्रासदी होती है। अतीत हमेशा भुक्तभोगी पीड़ाओं से गुज़रता है, तो वर्तमान आशादायी भविष्य की ओर संकेत करता है। पीड़ा और त्रासदी में कोई परिवर्तन नहीं होता, केवल समय गतिशील होता…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- तुलसी गौड़ा

पद्मश्री तुलसी गौड़ा    “मुझे खुशी है कि मैंने यह पुरस्कार जीता। मैंने कई अन्य पुरस्कार भी जीते हैं।इन सभी पुरस्कारों के बावजूद, पौधे मुझे सबसे ज्यादा खुशी देते हैं।” -यह भावाभिव्यक्ति जीवन के 77 वें वसंत में प्रवेश कर चुकीं कर्नाटक की आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा की है, जिनका नाम अब दुनिया आदर से ले रही…

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गुलाब

गुलाब फूलों का ये राजा है सबके दिल को भाता। प्यार बांटता सारे जग को कांटों में मुस्काता। लाल गुलाबी नीले पीले कितने रंग तुम्हारे। प्यार बढ़ाते तुम आपस में सबका दिल हर्षाता।। सबके मन के बगिया में तुम प्यार खिलाते हो। मनमोहक रंगों में खिल कर सबको भाते हो। मन का भौरा गुनगुन करता…

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पूर्व-पक्ष

पूर्व-पक्ष दिव्या माथुर से मेरा परिचय लगभग ढाई दशक पूर्व हुआ और इसका श्रेय डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी को है जो उस समय ब्रिटेन के भारतीय उच्चायुक्त थे और हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। दिव्या के दूसरे काव्य संकलन ‘ख़याल तेरा’ का आमुख उन्होंने ही लिखा था इसलिए वह उनकी काव्य प्रतिभा से परिचित थे।…

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बसंत पंचमी की अनमोल याद

                                            बसंत पंचमी की अनमोल याद यूं तो बसंत पंचमी पर्व प्रति वर्ष एक नई ऊर्जा, उत्साह और उमंग लेकर आता है और एक नई स्वर्णिम स्मृति की छाप हृदय पर छोड़ जाता है,…

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मेरी सुपर वूमन

मेरी सुपर वूमन महिला दिवस पर मुझसे जब भी पूछा जाता है कि मैं किसी ऐसी महिला का नाम लूं जिसे देखकर लगता हो कि महिला दिवस ऐसी ही महिलाओं के व्यक्तित्व को सेलिब्रेट करने के लिए बनाया गया है तो मेरे दिलोदिमाग़, मेरे ज़ेहन में सिर्फ़ एक ही नाम आता है और वह नाम…

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मकर संक्रांति स्पेशल दही

*मकर संक्रांति स्पेशल दही* दो लोगो के लिए सामग्री:- दूध (फूल क्रीम) – १ किलो चीनी- १०० ग्राम अमूल होल पाउडर दूध की दो छोटी पाउच तरल पठाली गुड – दो चम्मच एक चम्मच गाढ़ी जमावन दही मिट्टी की हांडी -१/२ किलो साइज     विधि:- १ किलो दूध को गैस चूल्हा पर गरम करें…

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