The Diagnosis
The Diagnosis I have got your absence-ache my skin affected by feverish breaths within my eyeshot only you in my mouth increased sugar level I am not afraid – in my family nobody has ever died of love Lilla Latus Writer Poland 0
The Diagnosis I have got your absence-ache my skin affected by feverish breaths within my eyeshot only you in my mouth increased sugar level I am not afraid – in my family nobody has ever died of love Lilla Latus Writer Poland 0
हिंदी है हम हिंदी को प्रायः भाषा मात्र समझने की भूल न जाने हम क्यों कर लेते हैं जबकि हिंदी तो भारत की चिंतन धारा का मूल है । इस बात से सभी सहमत हैं जो लोग अपनी मातृभाषा और मातृभूमि को यथोचित सम्मान नहीं देते उन्हें जीवन में पर्याप्त परिश्रम करने के बाद भी…
प्रेम- रुमानियत से रुहानियत प्रेम ने अपनी जादुई किरणों से मेरी आँखें खोलीं और अपनी जोशीली उँगलियों से मेरी रूह को छुआ तब….जब उठ गया था प्रेम या प्रेम जैसे किसी शब्द पर से मेरा विश्वास प्रेम ने दुबारा मेरी ज़िन्दगी के अनसुलझे रहस्यों को खोलने का सिलसिला शुरू किया फिर से उन अनोखे पलों…
पर्यावरण दिवस सूखी नदियाँ,सूखी धरती सिसक उठी करती चित्कार, मैली कितनी अब होऊँगी अब सब मिलो, करो विचार। बहा दिया तुम नाली कीचड़ नदी पवित्र इस गंगा में अपने जन से रक्तपात कर रक्त बहाया दंगा में। जंगल काटे,काटे पौधे काट दिए तुम पर्वत को, अपने सुख में मानव तूँ ने बढ़ा दिया है नफरत…
मेरी पीढ़ी का सच कहा जाता है एक व्यक्ति अपने जीवन में पाँच जीवन जीता है,देखता है और समझता है।दादा-नाना से लेकर नाती- पोते तक पर सबसे अधिक लगाव मनुष्य को अपनी पीढ़ी से ही होता है। देश की स्वतंत्रता के वे प्रारंभिक दिन थे।बचपन उसका भी था और मेरा भी।उत्साह और उमंग से भरे…
स्त्री विमर्श के बहाने स्त्री विमर्श, महिला सशक्तिकरण और वीमेंस लिब यह सब कुछ ऐसे शब्द हैं जिनकी चर्चा आजकल जोरों पर है या दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि आधुनिक समय में सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाले शब्द हैं, जो कि बहुत आवश्यक भी है। महिलाओं पर पुरूषों के राज करने की…
शार्दुला नोगजा की कविताएँ सर्वे सन्तु निरामया! दी रचा स्वर्णिम धरा ने अल्पना ओ समय के रथ ज़रा मद्धम चलो! है सकूरा और जूही की गली ओ सुगन्धा चाँदनी में न जलो! जैसे पूर्वाभास से भयभीत हो जल छिड़क माँ मंत्र बुद-बुद बोलती मानवों के क्षेम को व्याकुल धरा गाँठ अदरक, हरिद्रा…
जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी! सिर्फ हमारे प्यार में ही नहीं बल्कि दुनिया के हर रिश्ते में शामिल होना चाहिए दोस्ती का एक अहम भाव क्योंकि सुना है दोस्त तब भी जान लुटा सकते हैं जब दोस्त की जान पर बन आए फिर चाहे वो सही हो या गलत, दोस्त अपनाते हैं…
स्वतंत्रता उर्फ़ स्वाधीनता या स्वछंदता,.? स्वतंत्रता क्या है,..? स्वतंत्रता का अर्थ क्या है,..? अपने मन मुताबिक चलने की आज़ादी,..? या मनमानी करने की आज़ादी,..? या अभिव्यक्ति की आज़ादी,..? आखिर क्या है स्वतंत्रता?? एक पतंग जो खुले आकाश में उड़ती है आज़ाद होती है? या एक पंछी जो अपनी काबिलियत और सामर्थ्य के दम पर उड़ता…