सच्चे प्यार की परिभाषा
सच्चे प्यार की परिभाषा एम्बुलेंस १०० की स्पीड में सड़क पर दौड़ रही थी। अंदर नर्स कोयल को संभालने का भरसक प्रत्यन कर रही थी। मुँह पर लगे ऑक्सीज़न मास्क के बाबजूद कोयल की उखड़ी साँसे सामान्य नहीं हो पा रही थी। कोयल राज का हाथ पकड़े तड़प रही थी। उसकी बड़ी बड़ी आँखे बहुत…
शार्दुला की कलम से
सच कहूँ तेरे बिना! सच कहूँ तेरे बिना ठंडे तवे सी ज़िंदगानी और मन भूखा सा बच्चा एक रोटी ढूँढता है चाँद आधा, आधे नंबर पा के रोती एक बच्ची और सूरज अनमने टीचर सा खुल के ऊंघता है ! आस जैसे सीढ़ियों पे बैठ जाए थक पुजारिन और मंदिर में रहे ज्यों देव का…
कुछ नया सा
कुछ नया सा अंजलि को जब भी घबराहट महसूस होती है, वह अपने नाखून चबाने लगती है। कितनी बार उसने यह आदत छोड़ने की कोशिश की, लेकिन जाने अनजाने यह हो जाता है। अविनाश ने कितनी बार टोका होगा – लेकिन आदत तो छूटती नहीं। अब यही देखो ना, अविनाश को भूलने की कोशिश भी…
लता मंगेशकर: मानवता को उपहार
लता मंगेशकर: मानवता को उपहार लता मंगेशकर जैसी विभूतियाँ इस धरा पर कभी-कदा ही अवतरित होती हैं। वे मानवता को मिला दैवी उपहार हैं। स्वर साम्राज्ञी ने आम और खास सबके दिल पर राज किया। उन्हें कई पुरस्कार मिले पर वे किसी पुरस्कार की मोहताज नहीं रहीं। चार पीढ़ियों को अपने सुर से उपकृत करने…
अंतरराष्ट्रीय वातायन सम्मान-समारोह डॉ. कमल किशोर गोयनका और श्री गीत चतुर्वेदी सम्मानित
एक शानदार अंतरराष्ट्रीय वातायन सम्मान-समारोह डॉ. कमल किशोर गोयनका और श्री गीत चतुर्वेदी सम्मानित लंदन, 5 फ़रवरी 2022: बसंत महोत्सव पर केंद्रीय हिंदी संस्थान के तत्वावधान में आयोजित वातायन के अंतरराष्ट्रीय वार्षिक सम्मान समारोह में प्रख्यात लेखक डॉ कमल किशोर गोयनका जी को वातायन शिखर सम्मान (लाइफ़-टाइम अचीवमेंट) और लोकप्रिय और प्रसिद्ध लेखक गीत…
शार्दुला नोगजा की कविताएँ
शार्दुला नोगजा की कविताएँ सर्वे सन्तु निरामया! दी रचा स्वर्णिम धरा ने अल्पना ओ समय के रथ ज़रा मद्धम चलो! है सकूरा और जूही की गली ओ सुगन्धा चाँदनी में न जलो! जैसे पूर्वाभास से भयभीत हो जल छिड़क माँ मंत्र बुद-बुद बोलती मानवों के क्षेम को व्याकुल धरा गाँठ अदरक, हरिद्रा…
लाकडाउन में आभार
लाकडाउन में आभार “बिट्टू,जल्दी नहा कर आओ। रामायण शुरू होने में 20 मिनट रह गए हैं,” नानी की आवाज़ आई। “क्या मम्मी, टीवी का ही तो शो है। कोई मंदिर थोड़े ही ना जा रहे हैं कि नानी रोज सुबह-सुबह नैहलवा देती हैं,”बिट्टू ठुनक रहा था। “हां बेटा,नानी का मानना है कि भगवान राम के…
Do We Care For Rising Number of Missing Girl Children ?
Do We Care For Rising Number of Missing Girl Children ? It is being increasingly felt with concern that irrespective of widespread education and mass awareness through audio visual means, more specifically, expansion and reach of Net related services, the challenge of missing girl children keeps multiplying. Alarming Numbers Vs Traced Every month, 64,651 children…
इंग्लिश समुद्री डाकू और मुग़ल सल्तनत
इंग्लिश समुद्री डाकू और मुग़ल सल्तनत इंग्लैंड के संसद भवन में प्रमुख द्वार…