पहली कविता
पहली कविता बचपन के भावाें को सहेज अपने नन्हें हाथाें से लिखी मैने तितलियाें पर एक कविता । खुशी से थिरकती ,उछलती पहुॅंची पिता के पास कहा- पिता देखाे मैंने की है रचना लिखी है मैने कविता , पिता ने हॅंसकर माथा चूम लिया कहा,मेरी लाड़ली है यह मेरी प्यारी सुन्दर कविता । यह सुन…
ब्रैस्ट कैंसर
ब्रैस्ट कैंसर ब्रैस्ट कैंसर वह कैंसर है जो स्तन कोशिकाओं में विकसित होता है। आमतौर पर, कैंसर लोब्यूल्स या स्तन के नलिकाओं में बनता है। लोब्यूल्स ग्रंथियां हैं जो दूध का उत्पादन करती हैं, और नलिकाएं वे रास्ते हैं जो दूध को ग्रंथियों से निप्पल तक लाती हैं। कैंसर वसायुक्त ऊतक या आपके स्तन के…
ब्लड प्रेशर का नियंत्रण अपने हाथों में लें
ब्लड प्रेशर का नियंत्रण अपने हाथों में लें आज के समय में उच्च रक्तचाप एक आम समस्या बनती जा रही है और आंकड़े डराने वाले हैं ।आपको जानकर हैरानी होगी कि अभी भी कई लोग ऐसे हैं जिन्हें यह पता नहीं कि उन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत है। यही नहीं जिन्हें ब्लड प्रेशर पता भी…
एक खत मेरे डैडी के नाम
एक खत मेरे डैडी के नाम लोग कह रहें हैं आज पिता दिवस है आज बेशक आप हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं आप तना बन कर रहे मेरे जीवन वृक्ष का वो सुबह पार्क से चमेली के फूलों को तोड कर लाना और मेरे सिराहाने रख उनकी खुशबू मुझे जागने पर मजबूर कर देना…
उठो पार्थ, अब साधो बाण
उठो पार्थ, अब साधो बाण निवी चाय को उफनते देख रही थी। कभी गैस की आँच को कम कर देती तो अगले ही पल एक और उफ़ान देने के लिए गैस की आँच को तेज़ कर देती। उसके चेहरे का तनाव बता रहा था कि किसी गहरे सोच में डूबी हुई है। तभी बेटी…
डॉ. सच्चिदानंद जोशी से अलका सिन्हा का संवाद
डॉ. सच्चिदानंद जोशी से अलका सिन्हा का संवाद वातायन-वैश्विक की 91वीं वार्ता संगोष्ठी में प्रसिद्ध रंगकर्मी, संस्कृति साधक, व्यंग्यकार, निबंधकार एवं शिक्षाविद् श्री सच्चिदानंद जोशी जी के साथ अक्षरम साहित्यिक संस्था की महासचिव प्रसिद्ध कथाकार एवं कवयित्री अलका सिन्हा जी का आत्मीय संवाद सकारात्मक रचनात्मकता के भाव से मन को समृद्ध करने वाला रहा।…
एमेनोरिया
कई बार पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाते हैं । इसे हल्के में ना लें। यह रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स या हार्मोन्स से जुड़ी समस्या हो सकती है। किसी युवती के पीरियड्स आने अचानक बंद हो जाएं और यह स्थिति 6 महीने तक बनी रहे, तो इसे डॉक्टरी भाषा में एमेनोरिया कहते हैं। जमशेदपुर की सीनियर कंसलटेंट…
Puteri Bungsu’s poem
Puteri Bungsu’s poem HALLWAY OF TIME It was a secret When the veil hid Sometimes reminds of silence Tomorrow is full unsure Hallway It wandered Counting every trace Weaving so many excuses Time Pushed me for waiting One by one traced of past Put together in a series of stories On the…