आजादी का अमृत महोत्सव :राष्ट्र प्रथम ,सर्वदा प्रथम

आजादी का अमृत महोत्सव :राष्ट्र प्रथम ,सर्वदा प्रथम   इस वर्ष,15 अगस्त 2023 को भारत ” राष्ट्र प्रथम, सर्वदा प्रथम ” की थीम के साथ 77वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है । इसके साथ ही यह खड़ा है-आजादी के अमृत महोत्सव की उत्सवभूमि पर।आज़ादी के अमृत महोत्सव की आधिकारिक यात्रा की शुरुआत 12 मार्च ,…

Read More

गुरु बिना ज्ञान नहीं

गुरु बिना ज्ञान नहीं शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने बचपन की याद आना स्वाभाविक है। कुछ ऐसे गुरुओं से हम मिलते हैं जो जीवन में एक याद छोड़ जाते हैं।ऐसे ही मेरे हिंदी के एक टीचर जी थे उन्हीं से संबंधित एक घटना अपने स्कूल के दिनों की याद ताजा कर जाती है।अनुशासन का…

Read More

निर्मला

निर्मला आदरणीय प्रेमचंद जी एक महान साहित्यकार थे। उनकी सभी रचनाएं बहुत अच्छी हैं परंतु उन सब में मुझे उनका ‘निर्मला’ उपन्यास सबसे अधिक पसंद है। ‘निर्मला’ बेमेल विवाह और दहेज प्रथा की दुखान्त कहानी है। उपन्यास का लक्ष्य अनमेल-विवाह तथा दहेज़ प्रथा के बुरे प्रभाव को अंकित करता है। निर्मला का विवाह एक अधेड़…

Read More

सावन क्वीन

कान्यकुब्ज अनुभूतिद्वारा मंगलवार को होटल दर्शन बिष्टुपुर में सावन मिलन का प्रोग्राम हरियाला सावन रखा गया था। जिसमें सावन क्वीन ब्यूटी विद ब्रेन्स प्रतियोगिता एवं विभिन्न प्रकार के गेम तंबोला सोलह सिंगार गेम और गीत संगीत आदि का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का संचालन सीमा बाजपेई ने किया ।जज के रूप में अर्पणा संत…

Read More

निर्णय

निर्णय एक तो खुद अपने परिवार की इतनी बड़ी जिम्मेदारी और ऊपर से मौसमी के घर की पहरेदारी। और भी तो कितने पड़ोसी हैं ,सबके साथ मौसमी की अच्छी पटती भी है।कई बार सोची कि मौसमी से कह दूं कि तुम अब चाबी किसी और के घर में रखा करो। पर पता नहीं क्यों मैं…

Read More

पर्यावरण का करें ख्याल

पर्यावरण का करें ख्याल दुनिया भर में 5 जून का दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में निर्धारित है। 1973 में पहली बार अमेरिका में विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया गया था। इस वर्ष भी हर वर्ष की तरह पर्यावरण दिवस पर दो-चार पेड़ लगाकर हम अपने दायित्व को पूरा कर लेंगे। लेकिन…

Read More

क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल

क्रांतिवीरों का तीर्थ स्थल : सेल्युलर जेल   यह तीर्थ महातीर्थों का है.. मत कहो इसे काला पानी.. तुम सुनो यहाँ की धरती के.. कण कण से गाथा बलिदानी. प्रखर राष्ट्रभक्ति की ये पंक्तियां भारत वर्ष के स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी श्री गणेश दामोदर सावरकर जी के होठों पर तब भी सजी हुई थी…

Read More

इस बार यूँ होली

इस बार यूँ होली कुछ सतरंगी सी चाहत यूँ आज मचल रही है जैसे इस फागुन होली अनकही भी कह रही है मेरी हसरतों को यूँ निखार देना तुम ले सूरज की धूप सूनहरी मेरी गालों पे लगा देना तुम सजा देना माँग मेरी पलाश के सूर्ख लाली से जो चूनर ओढ़ लूँ मैं धानी…

Read More

सुभागी

सुभागी महान कथा सम्राट, क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी “सुभागी” पर समीक्षात्मक आलेख। कहा जाता है। जितना कहा जाना था। जितना लिखा जाना था, वो सब कहा और लिखा जा चुका है। प्रकृति प्रदत्त पंच तत्वों के नैसर्गिक एवम भौतिक प्रतिमान शाश्वत हैं। जिनकी विद्यमानता अनादिकाल से अनवरत स्थापित है। समय काल…

Read More