कितनी और कैसी: आजादी ?

कितनी और कैसी:: आजादी ? आधी आबादी की आजादी कैसी और कितनी? इस पर हमेशा बात होती रहती है। कानूनी और संवैधानिक फ्रेम में सब कुछ बहुत आदर्श लगता है। समानता, स्वतंत्रता, और न्याय पाने के अधिकार सभी के लिए हैं। न्यायपालिका से संरक्षित भी हैं।लेकिन क्या स्त्री क्या पुरुष, दोनों के लिए ये किताबी…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- नरेंद्र मोदी

  नरेन्द्र दामोदरदास मोदी युग –  प्रवर्तक और नव राष्ट्रचेतना के संवाहक    नरेन्द्र मोदी का नाम लेते ही मानस पटल पर स्पष्ट काल विभाजन उभर आता है – एक सन २०१४ के पहले का भारत और दूसरा सन २०१४ के बाद का भारत। यह ठीक वैसा ही है जैसे कि मोहनदास करमचंद गाँधी का…

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विश्व हिन्दी दिवस

विश्व हिन्दी दिवस हिन्दी माँ का दूध है , और हमारा पूत । सदा हमारे साथ है , मन भावों का दूत ।। निज भाषा अभिमान है ‌, यह भगवन वरदान । अंतस से है फूटता , नहीं भाव व्यवधान ।। मात तात सम पोसता , है वटवृक्ष समान । निज निजता का भाव दे…

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प्रकृति हमारी अस्तित्व

प्रकृति हमारी अस्तित्व प्रकृति को प्यार दें स्नेह और दुलार दें, पूजा करें इसकी और तन मन भी वार दें! जिसने केवल आजतक देना ही जाना है, हम सभी मानव को संतान सी माना है!! फिर क्यूं हम भी पीछे हों अपने उदगार में, प्रकृति सी सुंदरता नहीं कहीं संसार में! उसके ही आंचल में…

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हिंदी अतुल्य भाषा है

हिंदी अतुल्य भाषा है यह तो हम सब जानते हैं कि प्रत्येक राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती है क्योंकि जब तक दो व्यक्ति आपस में लिखित या मौखिक रूप से बात नहीं करेंगे, तब तक न तो वह व्यापार कर सकते हैं और न ही एक दूसरे को किसी प्रकार का अन्य सहयोग…

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हम सुंदर दिखते हैं

हम सुंदर दिखते हैं ट्रिन ट्रिन ट्रिन… मेरी सुबह की शुरुआत ऐसी होती है। सुबह साढ़े छह बजे उठो, गैस पर चाय का पानी चढ़ाओ, उसके खौलने का इंतजार करो। परात में आटा निकालो, उसमें नमक मिलाओ और पानी डालो। फिर उसको धीरे-धीरे गूंथ डालो। चाय का पानी भभक रहा है। चाय की पत्ती डालो।…

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वज़न कम करने के आसान तरीके 

वज़न कम करने के आसान तरीके  वजन कम करना इतना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है यदि आप दृढ़ संकल्प व मेहनत करते है तो जल्दी ही अपने वजन पर नियंत्रण पा सकते हैं और घर बैठे ही वजन कम कर सकते हैं। १. फल और सब्जियों का अधिक सेवन फल और सब्जियों में फाइबर, पोषक…

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डॉ जसबीर कौर की कविताएं

डॉ जसबीर कौर की कविताएं 1.नारियां मानवता का गौरव, वात्सल्य प्रेम सौरभ, सृजन की मृदुल परिभाषा हैं ये नारियां सहिष्णुता को निहित कर, शक्ति पराकाष्ठा बन अद्भुत करूणाकलित अभिलाषा हैं ये नारियां। मानवता का गौरव…..   जीवन सुरभित करें , प्रेम सानिध्य बन पीयूष शक्ति सी ,जग उत्थान करें नारियां ईश की ये प्रतिध्वनि, धर…

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माता तुम अनुपम

माता तुम अनुपम प्रकृति का अनुपम उपहार मातृत्व से भरी कोमल नार जननी ममतायी अमृत रसी कोमलांगी माता शक्ति सार नित्य कष्ट सह जाये माते संतान की पीड़ा करती हरण ममता रोम रोम में बसता क्या व्याख्या कैसे हो उद्गार समर्पण माँ का अद्भुत भाव जिसको ना हो माप व् भार माँ तो होती सदा…

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