तब से अब तक

तब से अब तक यह तो अब हम सब जानते हैं कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन दुनिया में महिलाओं के जीवन में सुधार लाने, उनमें जागरुकता बढ़ाने जैसे कई विषयों पर जोर दिया जाता है। विचारणीय है दुनिया को इसकी जरूरत क्यों पड़ी! इसके लिए…

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An Unsolved Puzzle

An Unsolved Puzzle (This story is inspired by real events but the characters are imaginary.) “Please sit down Mrs Chaudhary”, the genial senior psychiatrist in the Ranchi Mental Hospital was inviting Latika Chaudhary – an inmate of the asylum – to come in and make herself comfortable. I found an elegant woman in her mid…

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My Mother

My Mother The lady who has a towering impact on me is my Mummy: Mrs Sushila Mohapatra. Being a daughter I was very much inclined towards my Dad. Always had a perception that mummy can’t be the best adviser. I used to share my details with my dad. He was my idol ,unlike every daughter….

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति

राष्ट्रीय शिक्षा नीति आज भारत बहुत ही मजबूत ज़मीन पर खड़ा है क्यों कि अगले दशक में भारत विश्व के गिने चुने राष्ट्रों में शामिल हो जायेगा जिसकी जनसंख्या में युवाओं का प्रतिशत अधिक होगा। ऐसे राष्ट्र के विकास के लिए एक सुदृढ़ शिक्षा नीति का होना आवश्यक है।अभी से ही अगले दशक की योजना…

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बहुमुखी प्रतिभा के धनी मुंशी प्रेमचंद

बहुमुखी प्रतिभा के धनी मुंशी प्रेमचंद सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, साहित्यकार, नाटककार और विचारक के रूप में सर्वाधिक जाना पहचाना नाम प्रेमचंद जी का है।इन्हें हिंदी और उर्दू के लोकप्रिय साहित्यकारों में जाना जाता है। आपका जन्म 31 जुलाई 1880 को बनारस शहर से चार मील दूर लमही गांव में हुआ था।आपका बचपन बहुत ही आर्थिक…

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माँ तू अनमोल है

माँ तू अनमोल है न जाने कितनी ही बार लड़खडाते कदमो को संभाली होगी माँ न जाने कितनी ही बार गिरने से बचाई होगी माँ न जाने कितनी ही बार गोद में लेकर थपकी दी होगी माँ न जाने कितनी ही बार कितने जतन की होगी मेरी हंसी खुशी के लिए माँ न जाने कितनी…

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है दुर्गा आनेवाली

है दुर्गा आनेवाली है दुर्गा आनेवाली काश फूलों से सज गई धरती सुगंध महकाए शेफाली है दुर्गा आनेवाली। न है मंडप की शोभा न है रोशनी की लड़ी न है घूमने फिरने की बारी कब थमेगी यह महामारी ? किसान का आत्महनन है जारी उसपर हल का बोझ हुआ भारी ऊपर से कर्ज की लाचारी…

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कथनी और करनी

कथनी और करनी अलार्म घड़ी ने जैसे ही सुबह पांच बजे का अलार्म बजाया,परेश ने आधी नींद में ही घड़ी टटोल कर उसका अलार्म बंद किया।उठ जाऊं- न उठूं , इसी उधेड़बुन में पांच- सात मिनट जाया करके आखिर उठने का फैसला किया। रोज की भांति नित्य कर्म, स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा के कमरे…

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बड़े लोकेर बेटी लोग

बड़े लोकेर बेटी लोग यह बहुत पुरानी बात नहीं है। एक शहर में एक व्यापारी परिवार था। धन दौलत, ऐशो–आराम की कोई कमी नहीं थी। दूसरे विश्व युद्ध के समय कपड़ों के व्यापार में अच्छी आमदनी हुई। पूरे शहर में एक ही कोठी थी-पीली कोठी। घर के सामने बगीचा, शेरों वाली मूर्ति और संगमरमर का…

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