जय माँ सरस्वती

जय माँ सरस्वती क्या लिखूँ , कैसे लिख दूँ वो भाव कहाँ से लाऊँ रच दूँ माँ तुझ पे कविता वो शब्दार्थ कहाँ से लाऊँ … भटक रही जग की तृष्णा में मोह माया का भंवर सा फैला अंतर्मन को निश्छल कर लूँ वो परमार्थ.. कहाँ से लाऊँ … निज स्वार्थ भरा औ द्वेष भरा…

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बदला सावन

बदला सावन इस बार सावन, कुछ बदला-बदला है। ना उमंग है,ना तरंग है। लागे सब देखो वेरंग है। चारों ओर हाहाकार मचा है। मुँह खोल बिकराल खड़ा है इस बार सावन, कुछ बदला बदला है। बगियाँ फूलों से भरी, पर सूनी-सूनी हैं। ताल-तलैया तृप्त हुऐ, पर प्यासी-प्यासी हैं। इस बार सावन, कुछ बदला-बदला हैं। काले-काले…

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ये पात्र हर तीसरे घर में हैं ….

ये पात्र हर तीसरे घर में हैं …. प्रेमचन्द को याद करते ही ढेर सारे पात्र साथ साथ चले आते हैं, दिमाग में मन्डराने लगते हैं फ़िर चाहे वह धुनिया,झुनिया, गोबर, होरी, निर्मला, तोताराम हों या कहानियों में से झांकते हलकू, अलगू जुम्मन ,खाला, बड़े घर की बेटी, बुधिया, हामिद, दादी, हीरा मोती की जोडी…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की

स्वातंत्र्योत्तर भारत के निर्माण में श्री अजीम प्रेम जी का योगदान स्वातंत्र्योत्तर भारत के निर्माण में श्री अजीम प्रेम जी के योगदान का मूल्यांकन करने के लिए हमें तात्कालिक परिस्थतियों का अवलोकन करना होगा। श्री अजीम प्रेम जी का जन्म 24 जुलाई, 1945 को मुंबई के निजारी इस्माइली शिया मुस्लिम परिवार में हुआ था।उस समय…

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एंटी रेप एक्ट

एंटी रेप एक्ट नया एंटी रेप एक्ट पर राष्ट्रपति की मंजूरी की मोहर लगते ही महिलाओं के साथ होने वाले हर तरह के अपराधों के लिए कड़ी सजाएँ तय हो गई हैं। सुधार के बाद इस विधेयक को पारित किया गया है ।एंटी रेप कानून ने आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 2013 के रूप में अपनी…

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हिन्दी हमारा मान है

हिन्दी हमारा मान है शीघ्र ही हिन्दी बनेगी, अब हमारी राष्ट्र-भाषा। हो यही विश्वास मन में, हम तनिक छोड़ें न आशा।। एक दिन यह बात सचमुच, सत्य होकर ही रहेगी। हिंद की भाषा किसी दिन, विश्व की भाषा बनेगी।। मान हिन्दी का रखेंगे, शान कम होने न देंगे। अन्य भाषा-भाव को भी, हम उचित सम्मान…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- भीकाजी कामा

मेडम भीकाजी रूस्तम कामा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रवादी आंदोलन की प्रमुख नेता रहीं। भीकाजी कामा का जन्म 24 सितंबर, 1861 को बंबई (मुंबई) में पारसी समुदाय के एक अमीर एवं मशहूर शख्सियत भीकाई सोराब जी व जीजा बाई पटेल के घर हुआ था। उनका परिवार आधुनिक विचारों वाला था और इसका उन्‍हें काफी लाभ…

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नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन

नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन जिनका व्यक्तित्व सुगंधित फूलों का बगीचा है, जिनकी शाब्दिक अभिव्यक्ति में शांति का संदेश है, जिनकी कलम किसी अदृश्य को सदृश्य से जोड़ती है, जिनकी भावाभिव्यक्ति में उन्मुक्त कंठ की जादूगरी है , जिनके शब्दों में खो जाता है सुनने वाले का मन ऐसे स्वनाम धन्य है आदरणीय शांति…

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प्रेमपत्र सन बहत्तर का

प्रेमपत्र सन बहत्तर का किशन आज बहुत लंबे समय के बाद तुम दिखे।समय को दिनों, महिनों और वर्षों में बाँटने की शक्ति कहाँ थी मुझमें।हर एक पल तो युग की तरह बीता था। कितने युग बीत गए इसका भान ही कहाँ रहा मुझे।मन तो सदा तुम्हें खोजता रहता था। आज तुम पर दृष्टि पड़ी तो…

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