नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन

नवगीत की सशक्त हस्ताक्षर- शांति सुमन जिनका व्यक्तित्व सुगंधित फूलों का बगीचा है, जिनकी शाब्दिक अभिव्यक्ति में शांति का संदेश है, जिनकी कलम किसी अदृश्य को सदृश्य से जोड़ती है, जिनकी भावाभिव्यक्ति में उन्मुक्त कंठ की जादूगरी है , जिनके शब्दों में खो जाता है सुनने वाले का मन ऐसे स्वनाम धन्य है आदरणीय शांति…

Read More

एक लड़की थी…

एक लड़की थी… शरारती किस्से वो फ़ोन पर सुनाया करती थी एक लड़की थी मुझे गोद में सुलाया करती थी बिन बाबा के कैसे बीती थीं उसकी माँ की रातें कुछ बेचैनियाँ थीं सिर्फ़ मुझे बताया करती थी डर मेरी उल्फ़त से था, कोई और पसंद था उसे इसी बात पर ज़्यादा खुद को रुलाया…

Read More

मज़दूर

मज़दूर हालातों से होकर मजबूर ही बनता है कोई मज़दूर पेट की आग बुझाने को ही रहता है घर से कोसों दूर करता है मेहनत इतनी पड़ जाते हैं छाले हाथ पांवों में रहता है फिर भी वो सदा तनाव और अभावों में गर इस जहां में मज़दूर ना कोई होता ना होती गगनचुंबी इमारतें…

Read More

टिंगू

‘‘टिंगू’’ ‘‘मृदु….. देखो भई कौन है’’ इन्होंने मुझे नीचे के बरामदे से आवाज लगाई. सुबह का अखबार पढ़ते समय तनिक व्यवधान हो तो इनकी आवाज ऐसी ही रूखी हो जाती है. मैं सीढ़ियाँ फाँदती नीचे आई तो देखा कि एक बारह तेरह साल का लड़का साफ धुली हुई हाफ पैंट व टी-शर्ट पहने अपनी माँ…

Read More

जुगनू अम्मा

जुगनू अम्मा आज सुबह से ही मन उदास सा है। रात भर नींद नहीं आई थी और अब सात बजने पर भी आंखें खुल नहीं रही हैं। फटाफट फ्रेश होकर गैस पर चाय चढ़ा दी और तेज पत्ती डालकर कप में छानकर बाहर बालकनी में आ गया। आजकल सुबह कितनी सुहानी हो गई है। चिड़ियों…

Read More

पापा की तरह

पापा की तरह नहीं बन पाती कलाकार पापा की तरह फटी जेब में भी जो मुस्कुराहटें संभाल लाते थे परेशानियों के गद्दे पर भी जो रेशमी चादर बिछाते थे हर ईंट में खुद को ढाल घर हमारे लिए बनाते थे । नहीं आता हुनर पापा की तरह पसीने से तर – बतर जो जेठ की…

Read More

नवजात शिशु की देखभाल

  नवजात शिशु की देखभाल शिशु का टीकाकरण जन्म के समय- हैपीटाईटिस बी ,बी.सी.जी और पोलियो का टीका दो माह बाद- पोलियो, डी.पी.टी,एच.आई.बी और हैपीटाईटिस बी तीसरे माह में -पोलियो और डी.पी.टी चौथी माह में -पोलियो और डी.पी.टी और एच.आई.वी पांचवी माह में -पोलियो छठे माह में- हैपीटाईटिस और एच.आई.वी नौवे माह में -खसरा बारहवे…

Read More

भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी:भारतीय राजनीति के अजातशत्रु भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अपने नाम के ही समान अटल एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। अपने प्रारंभिक जीवन में खुद का परिचय देते लिखते है – “हिन्दू तन मन, हिन्दू जीवन, रग रग हिन्दू…

Read More

भजन

    भजन हर शाम की तरह इस शाम भी पार्क में काफी चहल-पहल थी ।पार्क के बीचोंबीच एक गोलाकार छज्जेदार चबूतरा सा बना था।प्रत्येक शुक्रवार को शाम छः से सात बजे तक वहां पर भजनों का कार्यक्रम चलता था। आस-पास रहने वाली औरतें जमा हो कर भजन गाती थीं । आज भी भजन चल…

Read More

महारानी विक्टोरिया

महारानी विक्टोरिया यूँ तो माँ भारती की वीरभूमि में कई महानायिकाओं ने जन्म लिया है। किन्तु विश्वमंच भी ऐसी कई महान विभूतियों से भरा पड़ा है। झोपड़ी से लेकर महलों तक में इन वीरांगनाओं की प्रखर ओजस्वी गाथाएँ आज भी गाई जाती हैं। इनकी विशेषताओं और जज़्बे ने इतिहास रच डाला है। भारत की रानी…

Read More