राष्ट्रभाषा हिन्दी का संघर्ष

राष्ट्रभाषा हिन्दी का संघर्ष आज हिंदी बहुत इतरा रही थी।सुबह से ही शुभकामनाओं का मानो तातां ही लगा हुआ था।व्हाट्सएप, फेसबुक, न्यूज चैनल आदि सभी जगह बस हिंदी की ही प्रशंसा।प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, बड़े-बड़े सेलिब्रिटी सभी आज हिंदी के महिमा मंडन में ही लगे थे।हिंदी ने तो आज कोरोना, रिया यहाँ तक कि कंगना को भी…

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सौगात

सौगात पिछले बत्तीस सालों में यहाँ बहुत कुछ बदल गया है। अपनी सेकेंड हैंड गाड़ी का दरवाजा बंद करते हुए डॉ. शुक्ला ने सोचा और फिर साँसे भरकर गाड़ी से सामान निकालने लगे। ऑफिस का बैग, जो अक्सर ही खाली होता है, टिफिन रखने वाला जूट का थैला, जो अब मटमैला हो चुका है और…

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हिंदी है हम

हिंदी है हम हिंदी को प्रायः भाषा मात्र समझने की भूल न जाने हम क्यों कर लेते हैं जबकि हिंदी तो भारत की चिंतन धारा का मूल है । इस बात से सभी सहमत हैं जो लोग अपनी मातृभाषा और मातृभूमि को यथोचित सम्मान नहीं देते उन्हें जीवन में पर्याप्त परिश्रम करने के बाद भी…

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हिंदी भाषा काः हिन्दुस्तानियों से संवाद ।

हिंदी भाषा काः हिन्दुस्तानियों से संवाद । अभी तो मेरे अच्छे दिन हैं । काश ये सपना टूटे ना, हिन्दी पखवाड़ा बीते ना। अभी ही तो होंगे, काव्य गोष्ठी और पुस्तक विमोचन, और ना जाने कितने कितने? कार्यक्रमों के आयोजन । नेता हो या अभिनेता, सब अभी ही तो हिन्दी बोलेंगे, कानों में मिसरी घोलेंगे।…

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हिन्दी पर अन्य भाषा का प्रभाव

हिन्दी पर अन्य भाषा का प्रभाव अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जहां दिन भर में सिर्फ एक हिंदी की कक्षा होती है स्वाभाविक है कि बच्चे अंग्रेजी ही ज्यादा सुनते हैं और बोलते हैं . . इन बच्चों की जुबान पर हिगलिंश हावी हो गई है। एक भी वाक्य बिल्ला…

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हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान

हिंदी है भारत की कला व संस्कृति की पहचान विश्व करे इसका सम्मान । संस्कृत की बेटी हिंदीभाषियों की है शान। भारतीय कला व संस्कृति की यही है पहचान । तभी तो भारतेंदु ने लिखा था। – निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौमूल, बिनु निज भाषा ज्ञान के मिटै न हिय कौ सूल ।…

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हिन्दी और हम

हिन्दी और हम हर देश की आबोहवा में रची होती है वहाँ की भाषा, ।साँस की तरह जिलाए रखती है, रीत, प्रीत, जन, मन, संस्कृति, संस्कारों को। अपनी माटी में जैसे पेड़ सिर उठाये खड़ा रहता है, बिल्कुल वैसा ही संबल मिलता है अपनी भाषा से…. क्या संसार में कहीं का एक दृष्टांत उद्धृत कर…

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हम हिन्दुस्तानी की है शान

हम हिन्दुस्तानी की है शान प्यारी “मां” की बिंदी । सबकी प्यारी हिंदी।। भारत वर्ष में चारों ओर बोलने वाली अनगिनत भाषाओं में यह कहना की कौन सी भाषा अधिक व कौन सी कम बोली जाती है। उत्तर भारत में हमेशा से ही हिन्दी बोली जाती हैं कि । अनेकों लेखक ,कवि ,संतों ने हिंदी…

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हिन्दी : कल, आज और कल

हिन्दी : कल, आज और कल हिन्दी हमारी मातृभाषा और हमारी राष्ट्रभाषा है। हमारे राष्ट्र के माथे की बिन्दी है। भाषा संप्रेषण का सशक्त साधन होता है। जीवंतता, स्वायत्तता तथा लचीलापन भाषा के प्रमुख लक्षण हैं। इसलिये देश में हिन्दी बोली जाने के आधार पर 14 सितंबर 1949 को संविधान की भाषा समिति ने हिंदी…

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हिन्दी-दिवस

हिन्दी-दिवस तुम प्राण देश की हो “हिन्दी “पर हो तुम किस तरह उजड़ी? किसने उजाड़ा है तुमको? किसने संहारा है तुमको? विलुप्त सी हो चली हो तुम भारत धरा से विस्मृत हो कर तुमही तो भारत मनु की सतरूपा थीं जिसने किया था समर्पण एक दिन भारत मनु को अपना सर्वस्य देकर पर परतंत्रता के…

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