कटारमल का सूर्य मंदिर

कटारमल का सूर्य मंदिर उसके ढ़लते अंधेरा हो जाना और उगते ही उजाला फैल जाना, यह वाकई चमत्कार से कम नहीं। इसलिए सूर्य हर युग में कौतुहल का विषय रहा है मनुष्यों के लिए। पृथ्वी पर जब सूरज की रोशनी के अनगिनत फायदे अंकुरित हुए तो मानव सभ्यता ने इसे देवता मान लिया । चौंसठ…

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सावन- भगवान शिव का पवित्र महीना

सावन- भगवान शिव का पवित्र महीना देवों के देव महादेव रूप अद्भुत निराला डमरू धारी त्रिपुरारी नरमुंड,गले कंठमाला सावन में तुम पूजे जाते हर ओर शिव की गूंज त्रिशूल हाथ में, तांडव साथ में सोहे हर एक रूप कैलाशपति,नीलकंठधारी आओ बन प्रलयकारी।आई है देखो विपदा ऐसी हर लो दुख हे त्रिपुरारी भोले भंडारी।बेलपत्र,भांग से पूजे…

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क्षितिज की लालिमा करे आह्वान”

“क्षितिज की लालिमा करे आह्वान” 15 अक्टूबर शरद पूर्णिमा कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन बिहार के सहरसा जिले में जन्मी बच्ची को डॉक्टर ने हाथों में थामकर घोषणा की, “यह बच्ची बेहद विलक्षण, आगे चलकर पूरी दुनिया में नाम रोशन करेगी”। 2 वर्ष चार महीने की छोटी आयु में ही मां सीता के रूप झांकी…

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माँ है तो संसार है

माँ है तो संसार है माँ है तो संसार है बिन उसके न प्यार है। माँ की ममता तो ईश्वर का दिया उपहार है।। स्नेह अपार प्यार क्या न दिया माँ ने हमे। माँ की ममता में ही तो जीवन का सार है।। दूर होकर भी जो सदा दिल मे बसती है । एक जरा…

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Fast Forward To Our Ancient Vedic Past: ‘Developing Environmental Conscience’

Fast Forward To Our Ancient Vedic Past:‘Developing Environmental Conscience’ – Past, Present and Future Anyone who has been on this planet even for a few decades has seen devastating natural disasters; eruptions of volcanoes, tsunamis, hurricanes, earthquakes, glacier avalanches, flash floods and forest fires. Every time any of these happens, we watch helplessly as living…

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हेयर केयर- मानसून

गर्मी के बाद मानसून वाला मौसम सभी को बहुत सुहाना और रोमेंटिक लगता है। इस बारिश को देखते ही इसमें भीगने का मन करता है। लेकिन बारिश में भीगने से बालों को काफी नुकसान पहुंचता है क्योंकि यह मौसम बहुत चिपचिपा और ऑयली होता है। इसमें बाल बहुत जल्दी गंदे और ऑयली हो जाते हैं।…

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करवा चौथ का उपहार

करवा चौथ का उपहार तेरे प्रेम के सिंदूर से मेरा जीवन हो सप्तरंग तेरे स्नेह की बिंदिया से फिले रहे मेरा मुख तेरे विश्वास की चुडिय़ां से खनकती रहे मन तेरा मंगल होना ही मेरा मंगलसूत्र रहे तेरी खुशियों ही मेरे पायल की छुनछुन रहे तेरी सफलता की खुशी से ओठ सुर्ख लाल रहे तुझे…

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कस्तूरबा गाँधी से एक काल्पनिक मुलाकात

कस्तूरबा गाँधी से एक काल्पनिक मुलाकात खट्दर की साड़ी, ढँका हुआ सिर, माथे पर गोल बिंदी, कलाई में सादी चूडियाँ – इस छोटी दुबली — पतली महिला को देखकर विश्वास ही नहीं हुआ कि उसमें कितनी शक्ति समाहित है। उसकी उपस्थिति से ही कमरा जैसे जीवंत हो गया। कमरा खचाखच भरा हुआ है। सबके मन…

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नर्तक

नर्तक वह मस्त होकर नाच रहा था। वह नटुआ नाच का अभ्यस्त लगता था. उसने हरे रंग की काँछ दार धोती और सिर पर पगड़ी पहनी थी जिसमें हरे तोते के पंख खोंसे गए थे। उसके शरीर का ऊपरी भाग नंगा था, लेकिन रंग बिरंगी मोतियों की माला और फूलों की माला से वह कुछ…

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