डॉ श्रीमती कमल वर्मा की कविताएं
डॉ श्रीमती कमल वर्मा की कविताएं १.राष्ट्रीय चेतना और जागृति भारत मांँ पर जो कुर्बान,उनके जज्बों को प्रणाम, भारत मांँ के वो सपूत,भारत मांँ की वो है शान| भारत मांँ पर जो कुर्बान,उनके जज्बों को प्रणाम॥ कहाँ गये वो माँ के बेटे,माँ पर करते जां कुर्बान, एक हाथ में गीता रहती, दुजे में पकडे कुरान।…