कालांतर में बौद्ध और जैन धर्मस्थली
कालांतर में बौद्ध और जैन धर्मस्थली अयोध्या एक अद्भुत विरासत जिसे प्रभु राम की नगरी के रूप में जाना जाता है। अयोध्या जिसके कण कण में राम समाये हुए हैं, वहां के लोगों के रोम रोम में राम निवास करते हैं। सनातनियों को अयोध्या अपने प्राणों से भी प्यारा है। सच कहूं, तो उन्हें ही…
डॉ विनीता कुमारी की कविताएं
डॉ विनीता कुमारी की कविताएं 1.भारत की नारी कवि नहीं, कवयित्री नहीं, भारत की नारी मैं हृदय की बात सुनाती हूं। वैदिक जीवन – दर्शन का, भारत के वीर शहीदों का, वतन के राष्ट्रगीतों का, मैं वंदनगान करती हूं। भारत की नारी मैं, हृदय की बात सुनाती हूं। गोरे घर छोड़ गए, लोगों को…
Luce
Luce The moons adorn your balcony tonight are your beacons. When lost from your field of vision they will be there and let them not bother you you will feel their lava cooling down your body the divine light caressing your fingertips secretly revealed to the elite who will turn it into poetry and they…
अहिल्या का अभिशाप
अहिल्या का अभिशाप महाभारत का युद्ध अठारह दिनों तक ही चला था। लेकिन अशिक्षा की लड़ाई अभी लंबी चलेगी। पहाड़ों की हरी गोद में बसा हुआ ये आदिवासी गाँव अपने सबसे पास के शहरी कस्बे से 40 किमी दूर था। दो बसें आती हैं यहाँ। चार बजे के बाद कोई पब्लिक साधन नहीं है कहीं…
Tale of Kashmir and Ukraine : Drawing Lessons From Unending Seize of Mariupol
Tale of Kashmir and Ukraine : Drawing Lessons From Unending Seize of Mariupol. Human history has shown that there cannot be smoke without fire.Both appear true about plight and exodus of Kashmiri Pandits in J & K in the past and that of helpless citizens of Mariupol and Kyiv for now over a month. A…
संघर्ष अदृश्य शत्रु से
संघर्ष अदृश्य शत्रु से कोविद 19 एक सूक्ष्म जीवाणु जो वैश्विक आपदा के रूप में समस्त विश्व के मानव जाति को धीरे धीरे अपने शिकंजे में जकड़ता जा रहा है।एक अदृश्य शत्रु आज मानव सभ्यता के समक्ष एक चुनौती है, न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि मानव सभ्यता द्वारा निर्मित प्रत्येक क्षेत्र पर घातक…
अतीत के साये
अतीत के साये कहानियों के कितने पात्र सदियों से हमारे आसपास इर्दगिर्द घूमते रहते हैं और न जाने कितनी कहानियां, लघुकथाएं, कितने उपन्यास लिखे पढ़ें गए, सराहे गए। कुछ धूल धूसरित हुए पड़े रहे हैं, शेल्फों में। ऐसी ही असंख्य पुस्तकें उस लाइब्रेरी में मौजूद थीं, जिन्हें बरसों से झाड़ा तक नहीं गया था, खोलकर…