माँ तो बस माँ ही होती है
माँ तो बस माँ ही होती है आज भी याद है माँ की वह तस्वीर बचपन में ,स्कूल जाते समय टीफिन लेकर पीछे दौड़ती माँ स्कूल से आते ही खाना खिलाने के लिए घंटों मशक्कत करती माँ लुकछिपी के खेल में जानबूझ कर शिकस्त खाती माँ मेरी चिंता में हर पल अपने आपको जलाती माँ…
एक दूजे के लिए
प्र.- शादी के बाद कितनी बदली आप लोगों की जिंदगी??? उ.- शादी के बाद कुछ परिवर्तन आतें तो है परंतु हम दोनों एक दूसरे से पहले से परिचित थे और परिवार भी बहुत अच्छा और प्रेम करने वाला रहा इसलिये ज्यादा मुश्किलें नही आयी। दोनों ही परिवारों में मैं सबसे छोटी थी इसलिये मुझपर किसी…
सुभाषचन्द्र बोस–देश का गौरव
सुभाषचन्द्र बोस–देश का गौरव भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का इतिहास हजारों स्तवत्रता सेनानियों, देशभक्तों, युवा ओ के बलिदान का साक्षी रहा है, गांधी के पदचिह्नों पर चलने वालों ने जहां सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया वहीं युवा जोश और उत्साह से भरे कुछ देशभक्तों ने बलिदान और संघर्ष का रास्ता चुना, ऐसे महान सेनानियों में…
गुदड़ी के लाल – शास्त्री जी
गुदड़ी के लाल – शास्त्री जी उस छोटे से शहर में लाल बहादुर की स्कूली शिक्षा कुछ खास नहीं रही। लेकिन गरीबी की मार पड़ने के बावजूद उनका बचपन पर्याप्त रूप से खुशहाल बीता। उन्हें वाराणसी में चाचा के साथ रहने के लिए भेज दिया गया था ताकि वे उच्च विद्यालय की शिक्षा प्राप्त कर…
मात देने को
मात देने को विश्व के सम्मुख बड़ी विपदा खड़ी है मात देने को मगर हिम्मत अड़ी है। खौफ से मासूमियत भी कैद घर में खेल का मैदान तकता रास्ता है ओढ़ चुप्पी कह रही सुनसान सड़कें भूल मत तेरा हमारा वास्ता है अब तरीके युद्ध लड़ने के अलग हैं ये लड़ाई बैठ कर घर मे…
प्रकाशोत्सव
प्रकाशोत्सव ताल ठोक रहा तम का दानव लिए अँधेरा मन का दूर खड़ा मानव दिखावे के रोशनी सजती सबके घर – द्वारे मन का तम मिटा ना सका तू मानव, प्यारे ……….. ताल ठोक रहा ………. रात – रात पूरी चला मंज़िल ना पाया लौट बुद्धू घर को आया चला जिस डगर वह भी निकला…
बापू की अमर कहानी
बापू की अमर कहानी आओ बच्चों तुम्हें दिखाये , स्वतंत्रता की अजब ग़ज़ब ये गाथायें हैं बापू की ये अमर कहानी हैं ! नोटो की हरियाली में आज भी छाये रहते हैं ! आओ बच्चों तुम्हें दिखाये , आज़ादी बलिदानो की ये सुंदर गाथा ! अपनी माता से बढ़ कर थी , मातृभूमि की रक्षा…
Horses and Embers
Horses and Embers I had this luck, let’s call it luck: I sat at the table with rich people, I sat next to them and I listened to their language; Their words, sharp knives to the target. The nicest was a Sisyphus Who had been a lathe operator before – But had not given up,…