संवत्सर के नये सृजन का

संवत्सर के नये सृजन का संवत्सर के नये सृजन का प्राण प्राण वन्दन अभिनन्दन।। पीत पर्ण पर नन्ही कोपल, मन मन को आह्लादित करती। घनी अमा से उतरी किरणें, जन जन को संबोधित करती। पांखुर पांखुर गीत लिखें तितली फूलों का मधु रंजन।।१।। सुनहली शाटिका धृता पर कुंतल बीच पलाश सिंदूरी। कर्णसुसज्जित पारिजात ज्यूं ओढ़…

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मैं और मेरी दुनिया

मैं और मेरी दुनिया अति उल्लास से आत्मकथा लिखने बैठी थी । पहले तो लगा कि आज लॉटरी निकल गयी । स्व- कथा लिखनी है । लेखनी को गति मिल जाएगी । आज आत्म- जीवनी लिख सभी को बता दूंगी कि हमने किला फ़तेह कर ली । अपनी गाथा से चकाचौंध कर दूंगी दुनिया को…

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शजर

शजर इक पिता सा छाँव करता था शजर कमनिगाही भी वो सहता था शजर । (शजर:वृक्ष कमनिगाही : उपेक्षा) ख़ुद की तो उसने कभी परवाह न की, दूसरों के सुख से सजता था शजर । उसकी बाहों में तसल्ली पाते थे, आसरा पंछी का बनता था शजर । नाच उठता था हवा की ताल पे,…

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गांधी गुजरात का!!

गांधी गुजरात का!! ना मानी हार जो करता गया वार वो, बंदूक ना गोली से प्यार की बोली से वो संत अहिंसा का करता रहा चमत्कार जो!! मन में था जिसके कुछ भी कर जाने की, हर सांस में थी उसके धुन आज़ादी पाने की, लाज बचाने भारत मां की त्याग दिया घर -बार जो,…

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मेरे प्रथम गुरु

मेरे प्रथम गुरु हर छोटी बड़ी बात वो समझाते हैं प्यार से, कभी किसी गलती पर आंखे दिखाते , कभी हाथ फेरते सर पर मेरे दुलार से, मनुहार से!! जीवन की हर पेचीदगी उनके मार्गदर्शन से ही हल हुए उनकी सही दिशा -दर्शन से निर्बल हौसले मेरे सबल हुए!! तुम केवल कर्ता हो अपने सुकर्म…

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डाॅ उमा सिंह किसलय की कविताएं

डाॅ उमा सिंह किसलय की कविताएं १.मैं धार हूँ नदिया की मैं धार हूं नदिया की रंग तरंग में बहती हूं संग संग दो किनारों के मैं बीच में बहती हूं है जटिल बहुत पथ ये अवरोध कई पग में धारा टकराती है हर संकट से मग में नदिया की सनक यही सागर से मिलना…

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ये तब नहीं समझा

ये तब नहीं समझा मेरी दादी, जिन्हें हम ईया बुलाते थे पाँच फीट से भी कम उनकी हाईट थी पर किसी धोखे में न रहना इच्छाशक्ति में वह बिल्कुल डायनामाइट थीं लंबे वक्त से वैधव्य झेलते हुए उस छोटी, बेहद दुबली सी काया में कमाल की सेन्स ऑफ फाईट थी बेटियों की शादी, इकलौते पुत्र…

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करवा चौथ का उपहार

करवा चौथ का उपहार तेरे प्रेम के सिंदूर से मेरा जीवन हो सप्तरंग तेरे स्नेह की बिंदिया से फिले रहे मेरा मुख तेरे विश्वास की चुडिय़ां से खनकती रहे मन तेरा मंगल होना ही मेरा मंगलसूत्र रहे तेरी खुशियों ही मेरे पायल की छुनछुन रहे तेरी सफलता की खुशी से ओठ सुर्ख लाल रहे तुझे…

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एनीमिया एक ज्वलंत स्वास्थ्य समस्या

एनीमिया एक ज्वलंत स्वास्थ्य समस्या   एनीमिया शरीर में एक बीमारी की स्थिति है, जिसमें शरीर में लाल रक्त कणों की कमी हो जाती है इसे रक्ताल्पता या खून की कमी भी कहा जाता है । स्त्री का रक्त आयरन 11.6 से 15 gm / dl एक पुरूष का आयरन 13.2 से 16.6 gm/ dl…

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