पिता के नाम पत्र

पिता के नाम पत्र पूज्य पापा, सादर प्रणाम सबसे पहले आपको मैं पितृदिवस की हार्दिक शुभकामनायें देते हुये ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हूँ ।सुबह सबेरे जब हमने आपसे फोन पर बात की थी तब आपको उन खतों की याद दिलाई थी जो हमनें आपको लिखे थे बहुत लम्बे लम्बे खर्रों के…

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फ्लोरेंस नाइटिंगेल

फ्लोरेंस नाइटिंगेल महिलाएँ केवल जन्मदात्री होकर पालन पोषण ही नहीं करतीं वरन जीवन के हर क्षेत्र में उन्होंने कड़ी मेहनत व त्याग से अपनी योग्यताओं को सिद्ध किया है। विश्व भर की ऐसी महिलाओं की लंबी सूची में एक नाम निस्वार्थ फ्लोरेंस नाइटिंगेल का भी स्वर्णाक्षरों में अंकित है। निज सुख को ताक पर रख…

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शक्ति रुपा चिंगारियाँ स्त्री

शक्ति रुपा चिंगारियाँ स्त्री धरणी पर सजे स्नेह मृदुता त्याग भक्ति जीवन की कामना ले आयी नारी स्त्री क्या-क्या लेकर आई धरापर नारी स्त्री तुम कहते पूजते हो भगवती माँ देवी है स्त्री देती नारी स्नेह समर्पण सर्वस्व है तुम्हें उदर पाले माता औ बने प्रेयसी संगीनी स्त्री हजार बलैंया निछावर होती वो नित हर…

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भारत के महानायक:गाथावली स्वतंत्रता से समुन्नति की- सैम मानेकशॉ

एक अद्वितीय योद्धा-सैम होर्मूसजी फ़्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ हम सब भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की हमेशा प्रशंसा करते हैं जब भी सेना कोई ऐसा काम करती है जिससे हमारे देश का सामर्थ्य दिखता हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। कुछ ऐसे ही थे सैम मानेकशॉ जिन्हें देश का पहला फील्ड…

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Another Taj Mahal

Another Taj Mahal Nestled below the lower Himalayas and the Barail ranges are the emerald green hills of Mizoram. Verdant forests, azure blue sky, brown and green rolling hills and sparkling waterfalls impart this magnificent land of the Mizos (Ram means land in Mizo) a unique charm. Sandwiched between Tripura on its west and Myanmar…

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रंगभूमि

रंगभूमि प्रेमचंद ने अपने लेखन की शुरुआत आदर्शात्मक रुझान से की थी। प्रेमचंद अपने संक्षिप्त रचना काल में कई मार्गों पर चले और कुछ दूर चलकर अगर उन्हें खटका होता था तो राह बदल लेते थे। सुधार वाद ,आदर्शवाद ,गांधीवाद और साम्यवाद यह सभी उनके मार्ग रहे। हिंदी कथा साहित्य को जीवन की यथार्थता और…

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हिन्दी दिवस : चुनौतियां व प्रोत्साहन

हिन्दी दिवस : चुनौतियां व प्रोत्साहन आजादी के 76 वर्ष पूरे हो गए परन्तु हिन्दी राजभाषा से राष्ट्रभाषा का सफर नहीं तय कर पाई। विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों की संगमस्थली भारत में आज की वर्तमान तिथि तक हिंदी जन – जन की भाषा है भी नहीं।कई प्रांतों में उनकी स्थानीय भाषाएं ही जन को जन…

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पहला झरोखा (मैं और नानी)

पहला झरोखा (मैं और नानी) मैं शायद पाँच साल की… खड़ी हूँ नानी के साथ। चेन्नई का मैलापुर इलाक़ा। स्त्री, पुरुष, युवा सभी कीमती रेशमी कपड़ों में सजे, मैं और नानी सामान्य पर पारम्परिक वस्त्रों में…नानी नौ गज की साड़ी में, मैं सूती पावाड़ा में। सामने मंच पर सुर बद्ध चार संगीतकारों के समूह में…

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भारतीय वैज्ञानिक 

भारतीय वैज्ञानिक      मैं ऋषि कणाद का अनादि कण, हूँ सूक्ष्म किन्तु न मेरा कोई अंत,   मैं देता ज्ञानी आर्यभट्ट सा जगत को शून्य का तत्व, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण क्यों होता है सुलझाता मेरा तत्त्व,   मैं रसायनशास्त्री नागार्जुन का रसरत्नाकर, अलग-अलग धातु से स्वर्ण बनाऊ ऐसा मैं जादूगर,   मैं योगाचार्य ऋषि पतंजलि…

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